कोई कर्मचारी वर्षों तक अपने अधिकारों को लेकर निष्क्रिय बने रहने के बाद कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं कर सकता- Rajasthan Highcourt

20 साल बाद दायर वेतन पुनर्निर्धारण की मांग याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- “अनुच्छेद 226 के तहत अदालत उदारता दिखाने के लिए बाध्य नहीं है” जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने सरकारी सेवा मामलों में अनुचित देरी से दायर याचिकाओं को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि … Continue reading कोई कर्मचारी वर्षों तक अपने अधिकारों को लेकर निष्क्रिय बने रहने के बाद कोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं कर सकता- Rajasthan Highcourt