अंतरिम भरण-पोषण मुकदमे की लंबित अवधि में आर्थिक कठिनाई से राहत देने के लिए अस्थायी व्यवस्था, इसे अधिकार या अंतिम राशि का अंतिम निर्धारण नहीं माना जा सकता।

राजस्थान हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: घरेलू हिंसा मामले में 40 हजार अंतरिम भरण-पोषण बरकरार, पति–पत्नी दोनों की रिवीजन याचिकाएं खारिज जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने एक महत्वपूर्ण वैवाहिक विवाद मामले में अंतरिम भरण-पोषण (इंटरिम मेंटेनेंस) से जुड़े आदेश को बरकरार रखते हुए पति और पत्नी—दोनों की पुनरीक्षण (रिवीजन) याचिकाओं को खारिज कर दिया। … Continue reading अंतरिम भरण-पोषण मुकदमे की लंबित अवधि में आर्थिक कठिनाई से राहत देने के लिए अस्थायी व्यवस्था, इसे अधिकार या अंतिम राशि का अंतिम निर्धारण नहीं माना जा सकता।