अधिकारी चाहे वह प्रशासनिक हो या अर्द्ध-न्यायिक, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, अर्द्ध-न्यायिक अधिकारी का यह दायित्व है कि वह अदालत के आदेशों का अक्षरशः पालन करे।

हाईकोर्ट के 3 आदेशों के बाद भी 86 वर्षीय वृद्धा को नहीं मिला न्याय, हाईकोर्ट ने सांगानेर एसडीएम द्वितीय को कोर्ट में पेश होने के दिए आदेश जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, न्याय में देरी और न्यायिक आदेशों की अवहेलना से जुड़े एक अत्यंत गंभीर मामले में प्रशासनिक एवं … Continue reading अधिकारी चाहे वह प्रशासनिक हो या अर्द्ध-न्यायिक, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, अर्द्ध-न्यायिक अधिकारी का यह दायित्व है कि वह अदालत के आदेशों का अक्षरशः पालन करे।