ऋण दूसरे बैंक से टेकओवर कराने पर 2% प्री-पेमेंट चार्ज वैध, अनुबंध की शर्तों से मुकर नहीं सकता उधारकर्ता

हाईकोर्ट ने कहा जो व्यक्ति या संस्था अपनी मर्जी से किसी समझौते पर हस्ताक्षर करती है, वह बाद में उसी समझौते की शर्तों को गलत नहीं कह सकती। जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि यदि कोई एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) बैंक से ऋण लेते समय किसी शर्त … Continue reading ऋण दूसरे बैंक से टेकओवर कराने पर 2% प्री-पेमेंट चार्ज वैध, अनुबंध की शर्तों से मुकर नहीं सकता उधारकर्ता