राजस्थान हाईकोर्ट में सीनियर डेजिग्नेशन के लिए 192 आवेदन, महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) पद के लिए इस बार आवेदन प्रक्रिया कई मायनों में खास और दिलचस्प बन गई है। जहां एक ओर अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या ने आवेदन किया है, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए बायोडाटा (CV) की लंबाई भी चर्चा का विषय बन गई है।
सबसे चौंकाने वाला मामला जयपुर के एक अधिवक्ता का सामने आया है, जिन्होंने अपना बायोडाटा पूरे 752 पेज में तैयार कर प्रस्तुत किया है। वहीं दूसरी ओर कुछ अधिवक्ताओं ने बेहद संक्षिप्त और सटीक तरीके से अपना प्रोफाइल पेश करते हुए मात्र 36 से 42 पेज में ही पूरी जानकारी समेट दी है।
752 पेज का बायोडाटा बना चर्चा का केंद्र
जयपुर के एक अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत 752 पेज का बायोडाटा इन दिनों कानूनी गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, इस विस्तृत बायोडाटा का केवल प्रारंभिक भाग ही करीब 31 पेज का है।
इस बायोडाटा में अधिवक्ता ने अपने अब तक के सभी महत्वपूर्ण मामलों, न्यायालय में दिए गए तर्कों, प्राप्त फैसलों के साथ-साथ सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में किए गए योगदानों का भी विस्तार से उल्लेख किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतना विस्तृत बायोडाटा एक तरह से अधिवक्ता के लंबे अनुभव और व्यापक कार्यक्षेत्र को दर्शाता है, लेकिन यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इतनी अधिक जानकारी चयन प्रक्रिया में प्रभावी साबित होगी या नहीं।
संक्षिप्त और प्रभावी प्रस्तुति भी चर्चा में
जहां एक ओर 752 पेज का बायोडाटा सबको हैरान कर रहा है, वहीं जोधपुर की एक महिला अधिवक्ता ने मात्र 36 पेज में अपना पूरा प्रोफाइल प्रस्तुत कर संतुलित और प्रभावी उदाहरण पेश किया है।
इसके अलावा कुछ अन्य अधिवक्ताओं के बायोडाटा भी 42 पेज के आसपास हैं, जिन्हें कम शब्दों में अधिक प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ता के चयन में केवल बायोडाटा की लंबाई नहीं, बल्कि उसमें दी गई जानकारी की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण होता है।
192 अधिवक्ताओं ने किया आवेदन
राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता पद के लिए 27 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
इस दौरान जयपुर और जोधपुर से कुल 192 अधिवक्ताओं ने आवेदन दाखिल किए हैं। यह संख्या इस बात को दर्शाती है कि वरिष्ठ अधिवक्ता बनने की होड़ इस बार काफी कड़ी है।
आवेदन का यह आंकड़ा 31 मार्च दोपहर तक का हैं हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से अधिकारिक आंकड़ा फिलहाल जारी नहीं किया गया हैं.
इन सभी आवेदनों की जांच और मूल्यांकन के बाद योग्य अधिवक्ताओं का चयन किया जाएगा।
महिला अधिवक्ताओं की बढ़ती भागीदारी
इस बार की आवेदन प्रक्रिया का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि करीब 35 महिला अधिवक्ताओं ने भी वरिष्ठ अधिवक्ता पद के लिए आवेदन किया है।
पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या अधिक मानी जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस बार अधिक संख्या में महिला अधिवक्ताओं के सीनियर डेजिग्नेट होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे महिला वकीलों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
चयन प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा न्यायिक पेशे में एक प्रतिष्ठित पहचान माना जाता है। यह न केवल अनुभव और विशेषज्ञता का प्रतीक है, बल्कि न्यायालय में विशेष मान्यता भी प्रदान करता है।
ऐसे में सभी की निगाहें अब राजस्थान हाईकोर्ट की चयन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लंबा और विस्तृत बायोडाटा चयन में बढ़त दिलाएगा या फिर संक्षिप्त और प्रभावी प्रस्तुति बाजी मारेगी।