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बार की मेंशनिंग के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने जारी की सूचना, माह के अंतिम दिन नहीं होगा एडवर्स ऑर्डर

Rajasthan High Court Rules Insurance Company Not Liable to Pay Interest in Employee Compensation Case

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में प्रत्येक माह के अंतिम कार्यदिवस पर होने वाले न्यायिक कार्य बहिष्कार को लेकर गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया।

27 फरवरी को अंतिम कार्यदिवस होने के कारण कई अहम मामलों के सूचीबद्ध होने पर हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मेंशनिंग कर विशेष अनुरोध किया।

इसके बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने देर शाम एक आधिकारिक सूचना जारी कर स्पष्ट कर दिया कि यदि उस दिन अधिवक्ता उपस्थित नहीं होते हैं तो किसी भी मामले में एडवर्स आदेश पारित नहीं किया जाएगा।

बार ने किया मेंशन

गुरुवार दोपहर लंच के बाद जैसे ही अदालत की कार्यवाही शुरू हुई, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी और लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत सहित कई अधिवक्ता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में पहुंचे।

दोनों बार के प्रतिनिधियों ने अदालत के समक्ष मेंशनिंग करते हुए कहा कि जोधपुर मुख्यपीठ में पिछले 49 वर्षों से प्रत्येक माह के अंतिम कार्यदिवस पर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाता रहा है।

बार पदाधिकारियों ने अदालत को बताया कि यह परंपरा हाईकोर्ट के एकीकरण की मांग से जुड़ी है और वर्षों से चली आ रही इस परंपरा से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।

उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि 27 फरवरी को महत्वपूर्ण मामले सूचीबद्ध हैं, इसलिए यदि अधिवक्ता परंपरानुसार कार्य बहिष्कार के कारण उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो संबंधित मामलों में प्रतिकूल (एडवर्स) आदेश पारित न किए जाएं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने बार की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया कि अंतिम कार्यदिवस पर जिन मामलों में अधिवक्ता उपस्थित नहीं होंगे, उनमें कोर्ट कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं करेगी। इस आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं में संतोष का माहौल देखा गया।

हाईकोर्ट ने जारी की सूचना

देर शाम हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से एक औपचारिक नोटिस भी जारी किया गया।

नोटिस में कहा गया कि 27 फरवरी 2026 की कॉज लिस्ट में सूचीबद्ध मामलों में यदि संबंधित अधिवक्ता उपस्थित नहीं होते हैं, तो ऐसे मामलों को अगले कार्यदिवस पर लिया जाएगा। यानी उन मामलों को उसी दिन खारिज या निस्तारित नहीं किया जाएगा।

नोटिस में कहा गया है कि 27.02.2026 को सूचीबद्ध मामलों में यदि “लर्नेड काउंसल” यानी संबंधित अधिवक्ता पेश नहीं होते हैं, तो उन मामलों को उसी दिन खारिज या निस्तारित नहीं किया जाएगा, बल्कि अगले कार्य दिवस पर लिया जाएगा।

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