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देश के 6 हाईकोर्ट को मिल सकते हैं नए चीफ जस्टिस, राजस्थान हाईकोर्ट में भी बड़े बदलाव के संकेत

Supreme Court Halts High Court Proceedings On Transgender Amendment Law, Signals Consolidated Hearing

नई दिल्ली। देश की न्यायपालिका में 16 जून का दिन कई बड़े प्रशासनिक और न्यायिक बदलावों का गवाह बन सकता है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की संभावित-प्रस्तावित बैठक में देश के कई हाईकोर्टों के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) की नियुक्ति और ट्रांसफर पर विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, देश के कम से कम छह हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त करने की कवायद अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

यदि कॉलेजियम इन नामों पर मुहर लगाता है तो मुंबई हाईकोर्ट, जम्मु कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, पटना हाईकोर्ट, राजस्थान हाईकोर्ट, पंजाब-हरियाणा और गुजरात हाईकोर्ट को नए मुख्य न्यायाधीश मिल सकते हैं।

पटना हाईकोर्ट में भी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति् की जा सकती हैं जहां पर जस्टिस मिनाक्षी मदन राय अगले माह 11 जुलाई को सेवानिवृत होने जा रही हैं.

इन नामों पर लग सकती है मुहर

वर्तमान में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को पंजाब हरियाणा के चीफ जस्टिस के तौर पर ही कन्फर्म किया जा सकता हैं.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज जस्टिस दीपक सिब्बल का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है जिन्हे दूसरे राज्य में मुख्य न्यायाधीश बनाकर भेजा जा सकता हैं.

इसी प्रकार दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी कामेश्वर राव, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया और गुजरात हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज Justice Alpesh Y. Kogje को मुख्य न्यायाधीश बनाया जा सकता हैं.

गुजरात की मुख्य न्यायाधीश Justice Sunita Agarwal को तबादले के जरिए राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाये जाने की चर्चा हैं.

हालांकि इन नामों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद ही सामने आएगा।

राजस्थान हाईकोर्ट को लेकर भी बढ़ी हलचल

16 जून की बैठक को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में भी न्यायिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है।

सूत्रों के अनुसार वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यरत सीनियर मोस्ट जज और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा का ट्रांसफर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट में किया जा सकता है।

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पिछले करीब नौ माह से इस पद पर कार्यरत हैं।

कॉलेजियम उन्हे मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत कर सकता हैं हालाकि उनकी वरिष्ठता क्रम को लेकर कॉलेजियम के सभी जज एक राय होंगे इसे लेकर अभी भी कई चर्चा हैं.

यदि ऐसा होता है तो राजस्थान हाईकोर्ट में वरिष्ठता क्रम और प्रशासनिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

साथ ही भविष्य में राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद और कॉलेजियम की संरचना को लेकर भी नए समीकरण बन सकते हैं।

कॉलेजियम प्रणाली पर टिकी निगाहें

देशभर की न्यायिक बिरादरी की नजरें अब 16 जून को होने वाली संभावित कॉलेजियम बैठक पर टिकी हुई हैं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ही हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं स्थानांतरण संबंधी सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजता है।

कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर इन नियुक्तियों और स्थानांतरणों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाता है।

कई हाईकोर्टों में लंबे समय से रिक्त हैं पद

देश के अनेक हाईकोर्टों में मुख्य न्यायाधीश के पद या तो रिक्त हैं अथवा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश व्यवस्था के तहत न्यायिक कामकाज संचालित हो रहा है।

ऐसे में 16 जून की बैठक न्यायपालिका के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि प्रस्तावित नामों पर सहमति बनती है तो देश के कई प्रमुख हाईकोर्टों को मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थायी नेतृत्व मिलेगा, जिससे न्यायिक प्रशासन और लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल न्यायिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर 16 जून को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक और उसके बाद जारी होने वाली आधिकारिक सिफारिशों से ही स्पष्ट हो सकेगी।

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