जयपुर/जोधपुर। राजस्थान की न्यायपालिका में इन दिनों चल रहे अभूतपूर्व विवाद के बीच सोमवार, 31 अगस्त का दिन बेहद अहम साबित होने जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों और उनमें लगाए गए गंभीर आरोपों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद पहली बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (एसीजे) राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में न्यायिक कार्य करते हुए सुनवाई करेंगे।
ऐसे में न्यायिक और प्रशासनिक-दोनों स्तरों पर सोमवार की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।
यह भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय की ओर से जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों या उनमें उठाए गए मुद्दों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।
दोपहर 1 बजे तीनों बार एसोसिएशन की अहम बैठक
इस पूरे विवाद के बीच राजस्थान हाईकोर्ट की तीनों प्रमुख बार एसोसिएशन की एक अहम बैठक भी सोमवार को दोपहर 1 बजे प्रस्तावित है।
माना जा रहा है कि इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा उठाए गए मुद्दों और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर बार एसोसिएशन अपना रुख स्पष्ट कर सकती हैं।
तीनों बार एसोसिएशन की बैठक पहले रविवार को प्रस्तावित थी, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के चलते इसे सोमवार दोपहर तक टाल दिया गया।
जोधपुर में पहले से चल रही हड़ताल और अन्य परिस्थितियों के बीच अब सोमवार की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जोधपुर हाईकोर्ट की दोनो बार एसोसिएशन दोपहर 1 बजे होने वाली बैठक से पूर्व कई आंतरिक बैठके करेगी.
जिसमें कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ साथ युवा अधिवक्ताओं से भी चर्चा करेगी.
ऐसे में पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के कानूनी जगत की नजर सोमवार दोपहर 1 बजे होने वाली इस बैठक पर टिकी रहेगी।
एकलपीठ करेगी अहम मामलों पर सुनवाई? नजरें कोर्ट पर भी
विवाद के बीच सोमवार को हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष आने वाले कुछ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बूंदी की कथित 324 बीघा कृषि भूमि से जुड़े विवाद, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप और विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं, में सोमवार को एकलपीठ के समक्ष सुनवाई प्रस्तावित है।
इसके अलावा जयपुर राजघराने की अत्यंत मूल्यवान संपत्ति से जुड़े मामले में भी एकलपीठ के समक्ष सुनवाई होनी है।
मौजूदा परिस्थितियों के बीच इन मामलों की सुनवाई को लेकर कानूनी हलकों की नजर विशेष रूप से अदालत की कार्यवाही पर रहेगी।
तबादलों के बाद नए स्थानों पर सुनवाई करेंगे जज
इधर, 25 अगस्त और 30 अगस्त को जारी संशोधित रोस्टर के बाद स्थान परिवर्तन किए गए हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी सोमवार से अपने नए स्थानों पर न्यायिक कार्य करेंगे।
रोस्टर के अनुसार जयपुर पीठ के जस्टिस बिपिन गुप्ता, जस्टिस समीर जैन और जस्टिस अशोक कुमार जैन अब जोधपुर स्थित मुख्यपीठ में सुनवाई करेंगे।
वहीं, जोधपुर मुख्यपीठ के जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस अरुण मोंगा जयपुर पीठ में मामलों की सुनवाई करेंगे।
जस्टिस उमाशंकर व्यास की तबीयत पर भी नजरें, क्या सोमवार से करेंगे सुनवाई?
राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे इन घटनाक्रमों के बीच जयपुर पीठ के न्यायाधीश जस्टिस उमाशंकर व्यास की तबीयत को लेकर भी कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है। तबीयत अचानक नासाज होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर फिलहाल न तो अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है और न ही हाईकोर्ट प्रशासन स्तर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने आई है।
ऐसे में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या जस्टिस उमाशंकर व्यास सोमवार से अदालत में न्यायिक कार्य और मामलों की सुनवाई करेंगे, या चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उन्हें फिलहाल आराम करना होगा।
गौरतलब है कि संशोधित रोस्टर के तहत जस्टिस उमाशंकर व्यास का भी जयपुर पीठ से जोधपुर स्थित मुख्यपीठ में स्थानांतरण किया गया है। सोमवार को उन्हें जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी की खंडपीठ के साथ मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है।
ऐसे में सोमवार को उनके स्वास्थ्य और न्यायिक कार्य को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है और इस घटनाक्रम पर भी कानूनी जगत की नजर रहेगी।
न्यायपालिका के लिए कई सवालों का दिन
कुल मिलाकर सोमवार राजस्थान की न्यायपालिका के लिए कई मायनों में निर्णायक और महत्वपूर्ण दिन हो सकता है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पहली सुनवाई, तीनों बार एसोसिएशन की बैठक, महत्वपूर्ण मामलों पर एकलपीठ की कार्यवाही और संशोधित रोस्टर के बाद न्यायाधीशों की नई तैनाती—इन सभी घटनाक्रमों पर सोमवार को सबकी नजर रहेगी।
