तिजारा चेयरमैन चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा अपडेट, एडीएम को दोपहर 1:30 बजे से पहले राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश; रिपोर्ट के आधार पर आयोग तय करेगा चुनाव कराया जाए या नहीं
जयपुर। तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन चुनाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया।
जस्टिस अनुप कुमार ढंढ की एकलपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट चुनाव प्रक्रिया को रोक नहीं सकता और अब तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन का चुनाव कराया जाए या नहीं, इस पर निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग को करना होगा।
हाईकोर्ट ने एडीएम भिवाड़ी को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर दोपहर 1:30 बजे से पहले राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग परिस्थितियों के आधार पर चुनाव को लेकर निर्णय करेगा।
भरत यादव, अधिवक्ता राजस्थान हाईकोर्ट
मामला हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे 18 पार्षदों को हरियाणा में हिरासत में लिए जाने के आरोप से जुड़ा है।
इस घटनाक्रम को लेकर तिजारा नगर परिषद के वार्ड संख्या 33 से निर्वाचित पार्षद एवं चेयरमैन पद के उम्मीदवार राम अवतार सैनी व अन्य की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर नहीं लगाई रोक
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन चुनाव को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का मुद्दा उठा।
याचिकाकर्ता की ओर से पार्षदों को मतदान से वंचित किए जाने की आशंका और उन्हें वापस लाकर स्वतंत्र रूप से मतदान का अवसर दिए जाने की मांग रखी गई।
मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को रोकने का निर्णय हाईकोर्ट नहीं करेगा।
इसके बजाय संबंधित प्रशासनिक रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष रखी जाएगी और चुनाव कराना है या नहीं, इसका फैसला आयोग करेगा।
1:30 बजे से पहले आयोग को पहुंचेगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने एडीएम भिवाड़ी को निर्देश दिया है कि तिजारा से जुड़े पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट दोपहर 1:30 बजे से पहले राज्य निर्वाचन आयोग को पेश की जाए।
रिपोर्ट में कथित रूप से हिरासत में लिए गए पार्षदों से जुड़े घटनाक्रम और मौके की स्थिति की जानकारी आयोग के सामने रखी जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को लेकर अपना निर्णय लेगा।
18 पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने का आरोप
अधिवक्ता पुनित सिंघवी के जरिए दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे करीब 18 निर्वाचित पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला के पास एक स्थान पर कथित रूप से रोका गया, जिससे वे तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन चुनाव में मतदान के लिए निर्धारित बैठक में शामिल नहीं हो सकें।
याचिकाकर्ता का दावा है कि इन पार्षदों में सात महिला पार्षद भी शामिल हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ पार्षदों ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर स्वयं को एक अज्ञात स्थान पर रखे जाने और वहां से स्वतंत्र रूप से जाने में असमर्थ होने की बात कही।
याचिकाकर्ता ने इन वीडियो रिकॉर्डिंग को अदालत के समक्ष पेश किए जाने की बात भी याचिका में कही थी।
सुबह 4:30 बजे पुलिस को दी शिकायत
याचिका के अनुसार, राम अवतार सैनी ने 21 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे तिजारा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी थी। इसमें कथित रूप से रोके गए पार्षदों को मुक्त कराने, FIR दर्ज करने और उन्हें चेयरमैन चुनाव में मतदान करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि शिकायत के बावजूद तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
चुनाव स्थगित करने की मांग लेकर पहुंचे थे हाईकोर्ट
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुनित सिंघवी हाईकोर्ट में मांग की गई थी कि कथित रूप से रोके गए पार्षदों को सुरक्षित रूप से तिजारा लाया जाए और उन्हें स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर दिया जाए। साथ ही, जब तक सभी संबंधित पार्षद मतदान के लिए उपलब्ध न हो जाएं, तब तक चेयरमैन का चुनाव स्थगित करने की मांग की गई थी।
याचिका में राज्य निर्वाचन आयोग से स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने और चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की गई थी।
विधायक बाबा बालकनाथ सहित 10 पक्षकार
याचिका में तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ, चेयरमैन पद के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार सुभाष सैनी सहित राज्य सरकार, गृह विभाग, स्थानीय स्वशासन विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग, डीजीपी, जिला कलेक्टर खैरथल-तिजारा, पुलिस अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाया गया है।
अब राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी निगाहें
राजस्थान हाईकोर्ट के ताजा निर्देश के बाद अब तिजारा नगर परिषद चेयरमैन चुनाव को लेकर अगला महत्वपूर्ण फैसला राज्य निर्वाचन आयोग के हाथ में है।
एडीएम भिवाड़ी की रिपोर्ट दोपहर 1:30 बजे से पहले आयोग के सामने पेश होगी। इसके बाद आयोग तय करेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में तिजारा नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव कराया जाए या नहीं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब तिजारा चेयरमैन चुनाव पर राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।।
