जोधपुर। निकाय चुनावों के बीच राजस्थान के श्रीविजयनगर से सामने आए एक गंभीर घटनाक्रम पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
चैयरमेन पद के चुनावों के बीच सुबह 11 बजे पार्षद विजय तन्ना को कथित तौर पर गन पॉइंट पर ले जाने के आरोप से जुड़ी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने गंगानगर एसपी को महज 10 मिनट के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
विजय तन्ना की पत्नी शशी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस नुपूर भाटी और जस्टिस बलजिंदर सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दिया हैं.
विजय तन्ना की पत्नी शशी की ओर से दायर हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुक्तेश माहेश्वरी, निशांत गाबा और मुदित नागपाल ने पैरवी की।
दोपहर 2 बजे हुई सुनवाई में कोर्ट ने एसपी को तुरंत वीसी के जरिए पेश होने के आदेश दिए हैं.
सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए गंगानगर एसपी को 10 मिनट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए।
तीन पार्षद में से दो दस्तयाब, एक गायब
श्रीविजयनगर नगर पालिका चुनाव के बीच सोमवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब तीन कांग्रेस पार्षदों को कथित तौर पर फायरिंग कर जबरन ले जाने के आरोप सामने आए।
मामले में पुलिस द्वारा दो पार्षदों को दस्तयाब किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक अन्य पार्षद विजय कुमार तन्ना की कथित हिरासत/अपहरण को लेकर उनकी पत्नी शशी की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विजय तन्ना को गन पॉइंट पर जबरन अपने साथ ले जाया गया।
मतदान के लिए जाते समय वाहन पर हमला करने का आरोप
राजस्थान हाईकोर्ट में पेश याचिका के अनुसार, 21 सितंबर यानी सोमवार सुबह 11 बजे श्रीविजयनगर नगर पालिका के चेयरमैन के चुनाव के लिए मतदान होना था।
याचिका में कहा गया है कि विजय तन्ना मतदान के लिए जाते समय एक वाहन में थे।
याचिका के अनुसार, श्रीविजयनगर से करीब 10 किलोमीटर दूर नहर बाईपास के पास वाहन पर कथित रूप से हमला किया गया।
आरोप है कि हमलावरों ने वाहन को रोका और विजय तन्ना सहित तीन निर्वाचित पार्षदों को गन पॉइंट पर जबरन अपने साथ ले गए।
पत्नी ने हाईकोर्ट में लगाई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
विजय तन्ना की पत्नी शशी ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने पति को कोर्ट के समक्ष पेश कराने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि विजय तन्ना श्रीविजयनगर नगर पालिका के निर्वाचित वार्ड सदस्य हैं और चेयरमैन चुनाव में उनका वोट महत्वपूर्ण है।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई और पति का पता लगाने तथा उन्हें सुरक्षित बरामद करने की मांग की गई।
याचिका में तत्काल पुलिस सुरक्षा और स्थिति रिपोर्ट की मांग भी की गई है।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया
मामले में जस्टिस नुपूर भाटी और जस्टिस बलजिंदर सिंह की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने श्रीगंगानगर एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तत्काल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए।
अब अदालत के समक्ष पुलिस को विजय तन्ना की स्थिति और उनके संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।
याचिका में FIR और पुलिस कार्रवाई की भी मांग
याचिका में संबंधित पुलिस अधिकारियों को FIR दर्ज करने, मामले की जांच करने, आरोपियों का पता लगाने और विजय तन्ना को सुरक्षित बरामद करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
साथ ही याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।
