जयपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रदेश में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत कल यानी शनिवार को आयोजित की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ के साथ ही राज्यभर की अधीनस्थ न्यायालयों, उपभोक्ता मंचों और विभिन्न ट्रिब्यूनलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
हाईकोर्ट में सुबह 10 बजे शुभारंभ
शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का जोधपुर मुख्यपीठ में हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी उद्घाटन करेंगे।
वहीं जयपुर पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा हाईकोर्ट न्यू बिल्डिंग में दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करेंगे।
प्रदेशभर में 480 बेंचों का गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए पूरे प्रदेश में विशेष बेंचों का गठन किया गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट में जहां 6 बेंचों का गठन किया गया है, वहीं अधीनस्थ अदालतों में कुल 480 बेंचों का गठन किया गया है, जिनमें विभिन्न प्रकार के मामलों को सुनकर उनका समाधान किया जाएगा।
इन बेंचों में न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ अधिवक्ता और संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल रहेंगे, ताकि मौके पर ही समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा किया जा सके।
10 लाख से अधिक मुकदमे चिन्हित
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार 6 मार्च 2026 तक 7,91,364 प्री-लिटिगेशन मामलों तथा 2,32,478 न्यायालयों में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई के लिए चिन्हित किया गया है।
इस प्रकार कुल 10,23,842 मामलों को इस लोक अदालत में निपटाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
इनके अलावा भी बड़ी संख्या में नए प्री-लिटिगेशन मामलों को लोक अदालत में लाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
जोधपुर और जयपुर हाईकोर्ट में विशेष व्यवस्था
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट मुख्य पीठ में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए तीन विशेष बेंचों का गठन किया गया है, जहां करीब 2103 लंबित मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
वहीं जयपुर पीठ में भी तीन विशेष बेंचों का गठन किया गया है, जहां लगभग 950 लंबित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने की तैयारी की गई है।
सिटिंग जज करेंगे सुनवाई
राजस्थान हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में 3-3 विशेष बेंचों का गठन किया गया है।
जोधपुर मुख्यपीठ में जस्टिस सुनील बेनीवाल, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित और जस्टिस बलजींदर सिंह संधू सुनवाई करेंगे।उनके साथ दूसरे सदस्य के रूप में अधिवक्ता पिंटू पारिक, सपना वैष्णव और अधिवक्ता अदिति सिंघी सुनवाई करेंगी।
समझौते से होगा विवादों का समाधान
लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का समाधान आपसी समझौते के माध्यम से करना होता है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है और अदालत द्वारा पारित निर्णय अंतिम माना जाता है।
लोक अदालत में दिए गए निर्णय के खिलाफ किसी भी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है।