हाईकोर्ट के छह जजों ने शहर की प्रसिद्ध ‘आगरा चाट’ पर चखी चाट, सादगी और अपनापन बना चर्चा का विषय
जोधपुर। चाट किसे पसंद नहीं होती! खट्टा-मीठा स्वाद हर किसी के दिल को लुभा ही लेता है—चाहे वह आम आदमी हो या फिर न्यायपालिका के सम्मानित जज।
बुधवार को ऐसा ही एक दिलचस्प और मानवीय पहलू सामने आया, जब राजस्थान हाईकोर्ट के करीब आधा दर्जन जज जोधपुर के भीतरी शहर के भ्रमण पर निकले।
इस दौरान जजों ने न केवल शहर की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखा, बल्कि यहां की मशहूर चाट का भी जमकर आनंद लिया।
भीतरी शहर की गलियों में पहुंचे जजों का यह दौरा आम लोगों के लिए भी खास बन गया, क्योंकि उन्होंने जजों को एक सामान्य नागरिक की तरह शहर की रौनक में घुलते-मिलते देखा।
विशेष रूप से जजों का काफिला शहर की प्रसिद्ध और पुरानी ‘आगरा चाट’ की दुकान पर पहुंचा, जो अपने अनोखे स्वाद और वर्षों पुरानी परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां जजों ने अलग-अलग तरह की चाट का स्वाद चखा और स्थानीय जायके की सराहना की।
दुकानदार और आसपास मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर उत्साहित नजर आए।
इस मौके पर जजों ने शहर की ‘अपणायत’ यानी आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी की भी सराहना की।
उनका यह सहज और सरल अंदाज़ यह दर्शाता है कि जिम्मेदारियों के बीच भी वे जीवन के छोटे-छोटे सुखों का आनंद लेना नहीं भूलते।
जोधपुर के भीतरी शहर में जजों का यह अनौपचारिक दौरा अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि ऐसे पल न्यायपालिका के मानवीय और सहज पक्ष को उजागर करते हैं, जो आमजन के साथ एक जुड़ाव भी स्थापित करते हैं।