चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और चार को-चेयरमैन पदों पर आज होगा फैसला; बीसीआई सदस्यों के चयन पर भी बनेगी सहमति! योगेंद्र शक्तावत के चेयरमैन बनने की चर्चा तेज; वाइस चैयरमेन पद पर अंजलि कौशिक के नाम पर भी नजरें
जोधपुर। राजस्थान बार काउंसिल को आज नया नेतृत्व मिलने जा रहा है।
चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और चार को-चेयरमैन पदों के चुनाव को लेकर जोधपुर स्थित बार काउंसिल मुख्यालय में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
चुनाव से पहले सदस्यों के बीच लगातार बैठकों, चर्चाओं और समर्थन जुटाने का दौर जारी रहा।
इस बीच अंतिम समय में राजेश पंवार समर्थित गुट के सक्रिय होने और योगेंद्र शक्तावत के नाम पर सहमति बनने की चर्चाओं ने चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है।
मौजूदा चुनावी समीकरणों को लेकर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, योगेंद्र शक्तावत चेयरमैन पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार के रूप में देखे जा रहे हैं, जबकि अंजलि कौशिक के वाइस चेयरमैन बनने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।
हालांकि, दोनों पदों पर अंतिम निर्णय चुनाव प्रक्रिया और सदस्यों के बीच बनने वाली सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।
अंतिम समय में बदले समीकरण, योगेंद्र शक्तावत के नाम पर सहमति की चर्चा
चेयरमैन पद को लेकर हरेंद्र सिंह सिंसिनवार और योगेंद्र शक्तावत के नामों पर काफी समय से मंथन चलने की जानकारी सामने आ रही थी।
दोनों नामों को लेकर सदस्यों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद जारी रही।
अब चुनाव से ठीक पहले योगेंद्र शक्तावत के नाम पर सहमति बनने की चर्चाओं ने उनके दावे को केंद्र में ला दिया है।
राजेश पंवार समर्थित खेमे की भूमिका को इन समीकरणों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस गुट के समर्थन और सदस्यों के बीच संभावित सहमति के आधार पर चेयरमैन तथा अन्य पदों के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
हालांकि, अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए चुनाव परिणाम आने तक सभी संभावनाएं खुली हुई हैं।
15 सदस्यों के समर्थन का दावा, राजेश पंवार गुट की भूमिका अहम
बार काउंसिल के चुनाव से पहले सदस्यों के बीच दो प्रमुख गुटों के सक्रिय होने की चर्चाएं हैं।
सामने आ रहे चुनावी समीकरणों के अनुसार, राजेश पंवार समर्थित गुट में करीब 15 सदस्यों का समर्थन होने की बात कही जा रही है।
इस खेमे से रजनीश गुप्ता, प्रशांत शर्मा, हरेंद्र सिंह सिनसिनवार, अंजलि कौशिक और योगेंद्र सक्तावत सहित कई सदस्यों के नाम जोड़े जा रहे हैं।
यदि यह समर्थन चुनाव के दौरान कायम रहता है, तो चेयरमैन और अन्य पदों के चयन में इस गुट की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
दूसरी ओर, भुवनेश शर्मा समर्थित खेमे में करीब 10 सदस्यों के होने की चर्चा है।
इस गुट से नीरज गुर्जर, शशि जैन, आरजू खान, कपिल माथुर और रंजीत जोशी सहित अन्य सदस्यों के नाम सामने आ रहे हैं।
हालांकि, इन गुटों की वास्तविक संख्या और सदस्यों के अंतिम समर्थन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंजलि कौशिक के वाइस चेयरमैन बनने पर भी नजरें
चेयरमैन पद के साथ वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर भी सरगर्मी बनी हुई है। मौजूदा समीकरणों में अंजलि कौशिक का नाम वाइस चेयरमैन पद के लिए चर्चा में है।
चेयरमैन पद पर सहमति बनने की स्थिति में अन्य पदों के लिए भी आपसी तालमेल के आधार पर निर्णय लिए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त चार को-चेयरमैन पदों पर चयन को लेकर भी सदस्यों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं।
इन पदों के चयन में अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाता है, यह भी चुनाव की महत्वपूर्ण कड़ी होगी।
बीसीआई सदस्यों के चयन पर भी फैसला संभव
राजस्थान बार काउंसिल के नए नेतृत्व के चयन के साथ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के सदस्यों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
इन पदों पर चयन के लिए भी आपसी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
यदि विभिन्न गुटों के बीच सहमति बनती है, तो चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सहित अन्य पदों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, बीसीआई सदस्यों के चयन को लेकर अंतिम स्थिति भी आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
दोपहर तक साफ हो सकती है तस्वीर
आज होने वाली चुनाव प्रक्रिया पर राजस्थान के विधिक समुदाय की निगाहें टिकी हुई हैं।
चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, चार को-चेयरमैन और बीसीआई सदस्यों के चयन को लेकर अंतिम दौर की गतिविधियां जारी हैं। दोपहर दो बजे तक चुनावी तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या योगेंद्र शक्तावत चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभालेंगे, क्या अंजलि कौशिक को वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी मिलेगी और क्या विभिन्न गुटों के बीच सभी पदों को लेकर सहमति बन पाएगी?
लेकिन पहले भी कई ऐसे मोके आए जब अंतिम समय में सदस्यों ने अपना परिणाम बदला हैं और आज के चुनाव में अभी कई संभावनाऐं हैं.
राजस्थान बार काउंसिल के नए नेतृत्व का फैसला आज के चुनाव में सदस्यों के समर्थन और अंतिम चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। आधिकारिक परिणाम सामने आने के बाद ही नए पदाधिका