जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस विनीत कुमार माथुर स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 14 और 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले 2026 WIPO Intellectual Property Judges Forum में शामिल होने के लिए रविवार को दिल्ली से रवाना हो गए हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में दुनिया के विभिन्न देशों के 500 से अधिक न्यायाधीश और बौद्धिक संपदा कानून से जुड़े विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
जस्टिस विनीत कुमार माथुर इस सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
फोरम का आयोजन विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की ओर से किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े न्यायिक अनुभवों, कानूनी चुनौतियों और विभिन्न देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान करना है।

भारत से छह प्रतिनिधियों के नाम
WIPO की ओर से जारी सम्मेलन की सूची में भारत से छह प्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं।
इनमें राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत कुमार माथुर और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के अलावा दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस अमित जमसंदेकर, आगरा के सिविल जज एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहित प्रसाद तथा चेन्नई में ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेतक और कॉपीराइट से संबंधित कार्यालय की सहायक रजिस्ट्रार बी. लक्ष्मी बोस शामिल हैं।
बौद्धिक संपदा कानून पर होगा अंतरराष्ट्रीय मंथन
14–15 अक्टूबर को होने वाले इस दो दिवसीय फोरम में बौद्धिक संपदा अधिकारों के न्यायिक संरक्षण, ट्रेडमार्क, पेटेंट, कॉपीराइट और इनसे जुड़े विवादों के निस्तारण जैसे विषयों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
इसमें विभिन्न न्यायिक प्रणालियों के अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे बौद्धिक संपदा कानून के क्षेत्र में न्यायिक समझ और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिल सकेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश की इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में भागीदारी राज्य की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
इससे बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े वैश्विक कानूनी विमर्श में भारतीय न्यायपालिका के अनुभवों को साझा करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि जस्टिस विनीत कुमार माथुर इससे पूर्व भी जजों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में लगातार शामिल हुए हैं।