प्रदेशभर के स्कूलों में एक साथ गूंजेगी कानूनी जागरूकता की आवाज, कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कॉमन सेशन
जयपुर। राजस्थान में शिक्षा और कानूनी जागरूकता को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अभियान “Transformative Tuesdays: Navigating Life Legally” आज से शुरू हो गया है।
इस अनूठी पहल के तहत प्रदेशभर के स्कूलों में एक साथ साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है, जिसमें करीब 1400 न्यायिक अधिकारी (जज) भाग लेकर लगभग 4 लाख विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे।
यह अभियान न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि समाज में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कम उम्र में ही कानून और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पहल
इस अभिनव अभियान की पहल राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा द्वारा की गई है।
उनके नेतृत्व में यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में एक साथ लागू किया जा रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक और शैक्षणिक पहल है।
जस्टिस शर्मा का मानना है कि आज के डिजिटल युग में बच्चों को केवल किताबों की शिक्षा ही नहीं, बल्कि कानूनी और साइबर जागरूकता की भी उतनी ही जरूरत है।
4 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचेगा संदेश
इस अभियान के पहले दिन का विषय “साइबर सुरक्षा” रखा गया है। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए एक कॉमन सेशन आयोजित किया जा रहा है।
इन सत्रों में जज स्वयं स्कूलों में जाकर बच्चों को बताएंगे कि साइबर फ्रॉड से कैसे बचें, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग कैसे करें, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी के खतरे क्या हैं और डिजिटल अधिकार और जिम्मेदारियां क्या हैं
इस तरह, यह कार्यक्रम सीधे छात्रों के जीवन से जुड़े मुद्दों को सरल भाषा में समझाने का प्रयास करेगा।
हर मंगलवार नया विषय
यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल चलेगा।
हर महीने के प्रत्येक मंगलवार (Transformative Tuesdays) को अलग-अलग विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।
आगामी सत्रों में जिन विषयों को शामिल किया जाएगा, उनमें संवैधानिक अधिकार
महिला और बाल अधिकार, विधिक सहायता, दैनिक जीवन से जुड़े कानून
उपभोक्ता अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
CJI ने किया था लॉन्च
इस महत्वाकांक्षी योजना को 20 फरवरी 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा लॉन्च किया गया था।
यह कार्यक्रम “राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026” के तहत संचालित किया जा रहा है।
इस पहल को देशभर में एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जो शिक्षा और न्याय प्रणाली के बीच की दूरी को कम करने का काम करेगा।
कानून की पढ़ाई अब स्कूलों तक
रालसा के सदस्य सचिव डॉ हरिओम अत्री के अनुसार यह अभियान शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
आमतौर पर कानून की जानकारी केवल उच्च शिक्षा या पेशेवर स्तर पर दी जाती है, लेकिन अब इसे स्कूल स्तर पर लाकर बच्चों को शुरुआती उम्र से ही जागरूक बनाया जा रहा है।
इससे न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
समाज में पड़ेगा दूरगामी असर
“Transformative Tuesdays” जैसे अभियान का प्रभाव केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार और समाज को भी साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
आज के समय में जहां साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह पहल एक सुरक्षित डिजिटल समाज की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।