सुबह 10 बजे से जेएनवीयू में जारी कानूनी बहस, हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की विशेष पीठ कर रही सुनवाई, दोपहर 3 बजे होगा फाइनल मुकाबला
जोधपुर। बी.एल. पुरोहित मेमोरियल तृतीय राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है, जहां सेमीफाइनल मुकाबलों में देश के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों के बीच जबरदस्त कानूनी टकराव देखने को मिल रहा है।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) के विधि संकाय में शनिवार सुबह 9 बजे से शुरू हुए इन मुकाबलों ने पूरे परिसर को कोर्टरूम जैसी गंभीरता और प्रतिस्पर्धा से भर दिया है।

सेमीफाइनल की कार्यवाही राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की विशेष पीठ के समक्ष चल रही है, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और अधिक उच्च हो गया है।
सह-संयोजक राजवीर सिंह के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता जे.एल. पुरोहित, विनीत जैन, विकास बालिया, एच.एस. करलिया, जी.आर. पुनिया और संजीव जोहरी इन मुकाबलों का मूल्यांकन कर रहे हैं।

पहले सेमीफाइनल में कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय और इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निरमा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद के बीच कड़ी टक्कर जारी है।
वहीं दूसरे सेमीफाइनल में जिम्स इंजीनियरिंग मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस और हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, शिमला की टीमें अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रख रही हैं।

दोनों मुकाबलों में प्रतिभागियों की कानूनी समझ, तर्कशक्ति और प्रस्तुति कौशल ने निर्णायकों को प्रभावित किया है।
क्वार्टर फाइनल के परिणाम
इससे पहले क्वार्टर फाइनल में शिमला ने इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ को, जिम्स ने महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, मुंबई को, निरमा यूनिवर्सिटी ने भारती विद्यापीठ, पुणे को और कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय ने चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
प्रतियोगिता के संयोजक आदित्य पुरोहित ने बताया कि सेमीफाइनल के विजेता रविवार को दोपहर 3 बजे फाइनल में आमने-सामने होंगे।

फाइनल मुकाबले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीत पुरोहित की विशेष पीठ करेगी।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ने न केवल छात्रों को अपनी कानूनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की वास्तविक झलक भी प्रस्तुत की है, जिससे यह आयोजन विधि शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनता जा रहा है।