जयपुर/जोधपुर। प्रदेश की न्यायपालिका में पिछले चार माह से जारी बार और बेंच के बीच गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में कवायद शुरू हो गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने इस विवाद के समाधान के लिए गठित जजों की समिति की रिपोर्ट को फुल कोर्ट के समक्ष रखने की तैयारी कर ली है, जिससे लंबे समय से चल रहे विवाद के जल्द सुलझने की उम्मीद जगी है।
दरअसल, प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित किए जाने के फैसले के बाद से ही अधिवक्ता संगठनों और न्यायालय प्रशासन के बीच मतभेद बना हुआ है।
12 दिसंबर 2025 को जैसलमेर में आयोजित फुल कोर्ट बैठक में यह निर्णय लिया गया था, जिसके बाद से राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और जयपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, तीनों बार एसोसिएशनों ने इसका लगातार विरोध किया।
विवाद बढ़ने पर हाईकोर्ट प्रशासन ने पांच जजों की एक समिति गठित की थी, कमेटी ने जयपुर जोधपुर के अधिवक्ताओं से मुलाकात कर इस मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट तैयार
की थी.
अब इस रिपोर्ट को फुल कोर्ट के सामने पेश करने के लिए फुल कोर्ट की आगामी बैठक बुलाने के लिए हाईकोर्ट शीघ्र तारीख तय कर सकता हैं.
इस संबंध में प्रशासन ने बार एसोसिएशनों को पत्र लिखकर जानकारी भी दी है।
24 अप्रैल 2026 को रजिस्ट्रार जनरल, द्वारा लिखे गये पत्र में बताया गया कि होली (धुलंडी) के अवसर पर 4 मार्च 2026 को अवकाश घोषित किया गया था, जिसके स्थान पर 25 अप्रैल 2026 को कार्यदिवस रखा गया।
साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि शनिवार को कार्यदिवस बनाए जाने के मुद्दे पर समिति की सिफारिशों पर जल्द ही फुल कोर्ट में रखने की कार्यवाही शुरू कर दी गयी हैं.
पत्र में बार एसोसिएशनों से यह भी अनुरोध किया गया है कि प्रस्तावित न्यायिक कार्य बहिष्कार को फिलहाल स्थगित रखा जाए, ताकि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जा सके।
फुल कोर्ट बैठक का इंतजार
गौरतलब है कि पूर्व में हाईकोर्ट की वेबसाइट पर जारी निर्देशों में शनिवार को पुराने मामलों की सुनवाई स्वैच्छिक आधार पर रखने की बात कही गई थी, लेकिन अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग कि शनिवार कार्यदिवस की अधिसूचना को वापस लेने की हैं.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब सभी की निगाहें फुल कोर्ट की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां समिति की रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट की फूल कोर्ट की बैठक आगामी कुछ सप्ताह में होने की संभावनाए जताई जा रही हैं.
2 मई को कार्य बहिष्कार
दूसरी ओर अधिवक्ताओं में असंतोष अभी भी कायम है।
तीनों प्रमुख अधिवक्ता संगठनों—राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर; राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर; और राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर—ने संयुक्त रूप से 2 मई 2026 (शनिवार) को न्यायिक कार्य बहिष्कार का ऐलान किया हैं.
बार एसोसिएशन का कहना है कि शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने से उनके कार्य-जीवन संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और न्यायिक प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव भी बन रहा है।
उनका यह भी आरोप है कि समिति की रिपोर्ट आने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
