जयपुर। Rajasthan High Court के न्यायाधीश जस्टिस आनंद शर्मा के 95 वर्षीय पिता, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुट बिहारी शर्मा का सोमवार देर शाम निधन हो गया।
दिवंगत की अंतिम यात्रा आज सुबह 9 बजे जयपुर के मानसरोवर स्थित महारानी फार्म मोक्षधाम के लिए निकलेगी, जहां पूरे विधि समुदाय के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
उनके निधन की खबर से न केवल परिवार, बल्कि पूरे विधि जगत में गहरा शोक व्याप्त है। दिवंगत मुकुट बिहारी शर्मा ने अपने लंबे और गरिमामय जीवन में कानून के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
वे राजस्थान हाईकोर्ट में चार दशक से अधिक समय तक सक्रिय रूप से वकालत करते रहे।
अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, उच्च नैतिक मूल्यों और कानून की गहरी समझ के लिए वे अधिवक्ताओं के बीच विशेष सम्मान रखते थे। उनके सहयोगी और शिष्य उन्हें एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में याद करते हैं।
परिवार के लिए यह क्षति अत्यंत व्यक्तिगत और भावनात्मक है। जस्टिस आनंद शर्मा के लिए यह केवल एक पिता का नहीं, बल्कि जीवन के सबसे बड़े संबल का खोना है। करीबी लोगों के अनुसार, मुकुट बिहारी शर्मा अपने पुत्र की न्यायिक यात्रा पर गर्व करते थे और हमेशा उन्हें सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा देते थे।
उनके निधन पर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय ने इसे एक अपूरणीय क्षति बताया है। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि मुकुट बिहारी शर्मा का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।
विधि जगत के अनेक संगठनों और अधिवक्ताओं ने शोक संदेश जारी करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुकुट बिहारी शर्मा की सादगी, समर्पण और न्याय के प्रति उनकी अटूट आस्था उन्हें सदैव जीवित रखेगी। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बना रहेगा।