जयपुर। राजस्थान में ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट के बिना पंचायत चुनाव करवाने के मुद्दे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस मनीष शर्मा की खपंडपीठ ने याचिकाकर्ता भगवान सहाय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा कि आयोग की रिपोर्ट के अभाव में चुनाव प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
यह याचिका पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को संवैधानिक आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए बिना चुनाव कराए जाने को चुनौती देते हुए दायर की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गीतेश जोशी, जसवंत परसोया और वागीश शर्मा ने पक्ष रखते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले आयोग की रिपोर्ट आवश्यक है।
याचिका में यह भी कहा गया कि बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए चुनाव कराना संविधान और न्यायालय के निर्देशों के विपरीत होगा।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर इस याचिका का सीधा प्रभाव पड़ सकता है।