टॉप स्टोरी

भारत-पाक सीमा पर बने मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों पर राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि, सभी याचिकाएं खारिज; BSF-कलेक्टर-एसपी की समिति करेगी हर संपत्ति की जांच

चर्चित खबरें

राज्य के पूर्व मुख्य सचिव ओ.पी. मीणा के खिलाफ फैमिली कोर्ट का वारंट जारी, भरण-पोषण मामले में कार्रवाई तेज

Jaipur Family Court Grants London-Based Father Virtual Access to Daughter Born From Live-in Relationship

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव ओ.पी. मीणा एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं।

जयपुर महानगर स्थित पारिवारिक न्यायालय ने भरण-पोषण मामले में लगातार अनुपस्थिति और न्यायालय के आदेशों की अनुपालना नहीं करने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया है।

अदालत ने अब पुलिस प्रशासन को कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मामला उनकी पुत्री द्वारा दायर भरण-पोषण याचिका से जुड़ा हुआ है।

पारिवारिक न्यायालय क्रम-5, जयपुर महानगर प्रथम द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि ओ.पी. मीणा को अदालत के निर्देशानुसार भरण-पोषण राशि एफडीआर (FDR) के रूप में जमा करनी थी, लेकिन आदेश के बावजूद राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद अदालत ने उनके विरुद्ध कुर्की एवं वारंट की कार्रवाई शुरू की।

दस्तावेजों के अनुसार, 26 मई 2025 को अदालत ने पुत्री के पक्ष में आदेश पारित किया था। इसके बाद ओ.पी. मीणा को कई बार न्यायालय में उपस्थित होने के लिए समन जारी किए गए, लेकिन वे पेश नहीं हुए।

आरोप है कि उन्होंने वारंट की तामील कराने पहुंचे पुलिस अधिकारियों के साथ भी सहयोग नहीं किया।

अदालत द्वारा 23 मार्च 2026 को भी वारंट जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से भरण-पोषण राशि जमा कराने और अनुपालन नहीं होने पर कुर्की की कार्रवाई का उल्लेख किया गया।

आदेश में लगभग 25 लाख रुपये की बकाया राशि का भी जिक्र है।

इसके बाद 13 मई 2026 को पारिवारिक न्यायालय ने तीसरी बार सख्त रुख अपनाते हुए डीसीपी वेस्ट, जयपुर को आवश्यक कार्रवाई कर ओ.पी. मीणा को न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सबसे अधिक लोकप्रिय