स्टे ऑर्डर की पालना नहीं करने और सम्मन के बावजूद पेश नहीं होने पर कार्रवाई; राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण ने जताई नाराजगी
जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अंबरीश कुमार को राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) ने जमानती वारंट जारी कर 12 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
अधिकरण ने यह कार्रवाई अपने पूर्व आदेशों की अवहेलना और सम्मन जारी होने के बावजूद पेश नहीं होने पर की है।
रेट की न्यायिक सदस्य पूनम दरगन और सदस्य प्रकाश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश विभाग की कर्मचारी सरोज मीणा द्वारा दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
स्टे ऑर्डर के बावजूद नहीं कराई जॉइनिंग
मामला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कार्यरत फूड इंस्पेक्टर सरोज मीणा के तबादले से जुड़ा है।
विभाग द्वारा किए गए तबादले के खिलाफ सरोज मीणा ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अपील दायर की थी।
मामले की सुनवाई के बाद अधिकरण ने सरोज मीणा के पक्ष में अंतरिम राहत देते हुए तबादला आदेश पर रोक (स्टे) लगा दी थी।
इसके बावजूद विभाग ने अधिकरण के आदेश की पालना नहीं की और सरोज मीणा को उनके पूर्व पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया।
अवमानना याचिका के बाद शासन सचिव को किया था तलब
अधिकरण के आदेशों की पालना नहीं होने पर सरोज मीणा ने अवमानना याचिका दायर की।
इस पर सुनवाई करते हुए रेट ने विभाग के शासन सचिव अंबरीश कुमार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे।
अधिकरण की ओर से जारी सम्मन में उन्हें 8 जून को बेंच के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया था।
हालांकि सम्मन की विधिवत तामील होने के बावजूद शासन सचिव न तो अधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए और न ही अनुपस्थिति का कोई कारण बताया गया।
न्यायिक आदेशों की अवहेलना पर जमानती वारंट
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकरण के आदेशों की अवहेलना स्वीकार नहीं की जा सकती।
बेंच ने अपने आदेश में कहा कि शासन सचिव को जारी किए गए सम्मन की तामील हो चुकी थी, इसके बावजूद उनकी अनुपस्थिति न्यायिक प्रक्रिया और न्यायिक आदेशों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है।
अधिकरण ने कहा कि आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए शासन सचिव अंबरीश कुमार के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया जाना आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्हें 12 जून को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।