जयपुर। जयपुर स्थित कनोरिया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन का शनिवार को पहला दीक्षांत समारोहआयोजित किया गया.
समारोह में विधि स्नातक छात्राओं को विधि उपाधियां प्रदान करने के साथ ही उत्कृष्क्ष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया और देश के शीर्ष न्यायिक एवं संवैधानिक संस्थाओं में इंटर्नशिप प्राप्त करने वाली छात्राओं की उपलब्धियों को विशेष रूप से सराहा गया।

समारोह के मुख्य अतिथि एसआरएम ग्रुप के प्रिंसिपल एडवाइजर (एजुकेशन) एवं चेयरमैन प्रो. (डॉ.) परमजीत एस. जसवाल रहे, जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय, जयपुर की कुलपति प्रो. (डॉ.) निष्ठा जायसवाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में छात्राओं को प्रेरित किया।
सुप्रीम कोर्ट से लेकर NHRC तक…
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण संस्थान की छात्राओं की शानदार उपलब्धियां रहीं। शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं ने सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न हाईकोर्टों के न्यायाधीशों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), राज्य मानवाधिकार आयोगों, भारत सरकार के विधि कार्य विभाग, सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC), राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नीति आयोग, आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप कर व्यावहारिक कानूनी अनुभव प्राप्त किया।
संस्थान ने इसे अपनी अनुभवात्मक विधि शिक्षा की बड़ी उपलब्धि बताया।

मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान
अपने प्रेरणादायी संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) निष्ठा जायसवाल ने उपनिषद के शांति मंत्र से भाषण की शुरुआत करते हुए छात्राओं से कहा कि वे करुणा, सहयोग, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और संवैधानिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल पारंपरिक कानूनों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है।

भविष्य के अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर लॉ, ब्लॉकचेन, डिजिटल साक्ष्य, क्लाइमेट जस्टिस और डेटा प्रोटेक्शन जैसे उभरते विधिक क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता हासिल करनी होगी।
डिग्री अंत नहीं, समाज की सेवा का नया अध्याय’
मुख्य अतिथि प्रो. परमजीत एस. जसवाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों को स्वीकार करने का क्षण है।
उन्होंने कहा कि “विश्वविद्यालय की डिग्री मंजिल नहीं, बल्कि आजीवन सीखने और समाज की सेवा करने का पासपोर्ट है।”
उन्होंने छात्राओं को याद दिलाया कि विधि व्यवसाय केवल पेशा नहीं, बल्कि न्याय, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का दायित्व है। उन्होंने तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने की भी सलाह दी।
मेधावी छात्राओं का सम्मान
समारोह में ज्योति शर्मा को एंड सेमेस्टर परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि दानिया रोशन को पूरे शैक्षणिक सत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
