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जस्टिस पी.एस. भाटी की विदाई में छलकीं आंखें, तालियों से गूंजा राजस्थान हाईकोर्ट का कॉन्फ्रेंस हॉल

Justice P.S. Bhati Farewell: Rajasthan High Court Lawyers Give Emotional Farewell, 10-Minute Standing Ovation

सैकड़ों अधिवक्ताओं ने दी भावभीनी विदाई, महिला अधिवक्ताओं की आंखों में आए आंसू; 10 मिनट से ज्यादा देर तक हुआ Standing Ovation

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को सोमवार को जोधपुर के अधिवक्ताओं ने बेहद भावुक माहौल में विदाई दी।

राजस्थान हाईकोर्ट के इतिहास में लंबे समय बाद किसी न्यायाधीश के विदाई समारोह में इतनी बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट नजर आए।

समारोह के दौरान कई अधिवक्ता भावुक हो गए, वहीं कई महिला अधिवक्ताओं की आंखों में भी आंसू छलक पड़े।

जस्टिस पी.एस. भाटी अब राजस्थान हाईकोर्ट से जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनके सम्मान में सोमवार को अलग-अलग संस्थाओं की ओर से विदाई समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट के मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। राजस्थान हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

माला और साफा पहनाकर किया स्वागत, मालाएं भी पड़ गईं कम

समारोह की शुरुआत दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्षों रंजीत जोशी और दिलीप सिंह उदाव द्वारा जस्टिस पी.एस. भाटी को माला और साफा पहनाकर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उन्हें मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।

जस्टिस भाटी को माला पहनाने के लिए अधिवक्ताओं में ऐसी होड़ लगी कि समारोह के लिए लाई गई सैकड़ों मालाएं भी कम पड़ गईं।

इसके बाद कई महिला अधिवक्ताओं ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

युवा और महिला अधिवक्ताओं के बीच खास लोकप्रिय रहे जस्टिस भाटी

जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी का अधिवक्ताओं के बीच विशेष जुड़ाव रहा है। खासतौर पर युवा अधिवक्ताओं और युवा महिला अधिवक्ताओं को प्रोत्साहित करने में उनकी भूमिका को बार के सदस्यों ने याद किया।

यही कारण रहा कि विदाई समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ता भी मौजूद रहे। कई अधिवक्ताओं ने उनके कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को याद करते हुए भावुकता के साथ उन्हें विदाई दी।

‘जब भी आएं, मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं’

समारोह का सबसे भावुक क्षण उस समय आया जब जस्टिस पी.एस. भाटी ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे भले ही अब राजस्थान से नई जिम्मेदारी के लिए जा रहे हैं, लेकिन अधिवक्ताओं के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।

उनके इस भावुक संबोधन ने पूरे सभागार का माहौल बदल दिया। संबोधन समाप्त होते ही अधिवक्ताओं ने खड़े होकर 10 मिनट से भी अधिक समय तक लगातार तालियां बजाईं। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उन्हें Standing Ovation देकर उनके प्रति सम्मान, स्नेह और आभार व्यक्त किया।

विदाई नहीं, नए सफर की शुरुआत

जस्टिस पी.एस. भाटी का राजस्थान हाईकोर्ट से जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जाना न्यायिक जगत में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है।

लेकिन सोमवार को जोधपुर की बार ने जिस तरह उन्हें विदाई दी, उसने साफ कर दिया कि न्यायाधीश और अधिवक्ता के बीच का रिश्ता केवल अदालत की कार्यवाही तक सीमित नहीं होता।

जस्टिस भाटी के प्रति अधिवक्ताओं का स्नेह, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में साफ दिखाई दिया।

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