जयपुर, 19 सितंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और स्टॉकिंग करने के आरोपी युवक को तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर जमानत दी है.
जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश करौली जिले के हिंडौन निवासी 19 वर्षीय युवक की जमानत याचिका पर दिए हैं.
युवती को ब्लैकमेल करने का आरोप
आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक युवती के एडिटेड फोटो और वीडियो अपलोड कर भद्दे कमेंट किए थे.
आरोपी ने अलग-अलग आईडी बनाकर युवती को ब्लैकमेल किया और उसकी शादी में बाधा डालने की कोशिश भी की है.
इस गंभीर मामले में 21 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी.
जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आरोपी को आदेश दिया कि वह तीन वर्षों तक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट आदि पर अपना या किसी अन्य नाम से कोई अकाउंट नहीं बनाएगा.
हाईकोर्ट ने साथ ही पीड़िता और उसके परिवार से संपर्क करने से भी प्रतिबंधित रखने की शर्त रखी हैं.
फेक एकाउंट भी नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया हैं कि अगर आरोपी इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी.
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी को पीड़िता और उसके परिवार के फोटो और वीडियो क्लाउड सहित सभी स्थानों से स्थाई रूप से हटाने होंगे और तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहकर किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं होना होगा.
हाईकोर्ट ने कहा हैं कि आरोपी इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचेट व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने नाम या किसी अन्य नाम से अकाउंट नहीं बनाएगा. ना ही किसी तरह पीड़िता या उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर सकता है.
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राजस्थान हाईकोर्ट: 3 साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर आरोपी युवक को जमानत
जयपुर, 19 सितंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और स्टॉकिंग करने के आरोपी युवक को तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त पर जमानत दी है.
जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश करौली जिले के हिंडौन निवासी 19 वर्षीय युवक की जमानत याचिका पर दिए हैं.
युवती को ब्लैकमेल करने का आरोप
आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक युवती के एडिटेड फोटो और वीडियो अपलोड कर भद्दे कमेंट किए थे.
आरोपी ने अलग-अलग आईडी बनाकर युवती को ब्लैकमेल किया और उसकी शादी में बाधा डालने की कोशिश भी की है.
इस गंभीर मामले में 21 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी.
जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आरोपी को आदेश दिया कि वह तीन वर्षों तक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट आदि पर अपना या किसी अन्य नाम से कोई अकाउंट नहीं बनाएगा.
हाईकोर्ट ने साथ ही पीड़िता और उसके परिवार से संपर्क करने से भी प्रतिबंधित रखने की शर्त रखी हैं.
फेक एकाउंट भी नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया हैं कि अगर आरोपी इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी.
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी को पीड़िता और उसके परिवार के फोटो और वीडियो क्लाउड सहित सभी स्थानों से स्थाई रूप से हटाने होंगे और तीन साल तक सोशल मीडिया से दूर रहकर किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं होना होगा.
हाईकोर्ट ने कहा हैं कि आरोपी इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचेट व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने नाम या किसी अन्य नाम से अकाउंट नहीं बनाएगा. ना ही किसी तरह पीड़िता या उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर सकता है.
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