नई दिल्ली, 23 सितंबर
राजस्थान की जोजरी नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई हैं.
स्वप्रेणा प्रसंज्ञान से दायर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार प्रदूषण पर रोक लगाने और जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नदी प्रदूषण केवल पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है.
सुनवाई के दौरान से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगी और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी.
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस विषय पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वर्ष 2022 में विस्तृत आदेश पारित किए थे, जिनके खिलाफ कई सिविल अपीलें वर्तमान में लंबित हैं.
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को तय करते हुए कहा कि वो इस मामले में आगामी सुनवाई पर उचित आदेश पारीत करेगी.
कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं.