जोधपुर, 23 सितंबर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार से जुड़ी सभी अपीलों पर सुनवाई एक साथ करने के लिए आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
जस्टिस संदीप शाह ने इस मामले में अधिवक्ताओं के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अन्य अपीलों को एक साथ करने और सभी अधिवक्ताओं के नाम सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई में जिन मामलों को जिला अदालत से कोर्ट ऑर्डर के माध्यम से हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था, उनमें अधिवक्ताओं के नाम अभी तक सूचीबद्ध नहीं थे।
अधिवक्ताओं ने कोर्ट से आगे की तारीख पर बहस करने और अपने नाम दर्ज करने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
सभी अपीलों की एक साथ सुनवाई
आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि इसी केस में सलमान खान से जुड़ी अपीलें भी हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो चुकी हैं, इसलिए सभी अपीलों की सुनवाई एक साथ ही की जानी चाहिए।
इसके बाद जिला अदालत से ट्रांसफर हुई सलमान खान और अन्य अपीलें भी हाईकोर्ट में सूचीबद्ध करने के आदेश दिए गए।
क्या है मामला
कांकाणी हिरण शिकार का मामला वर्ष 1998 में लूणी थाने में दर्ज किया गया था।
आरोप था कि 1 और 2 अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में सलमान खान, अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे और दुष्यंत सिंह ने कांकाणी हिरण का शिकार किया।
इस मामले में 5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाई गई थी, जबकि अन्य सभी सह-आरोपियों—सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेन्द्र और दुष्यंत—को बरी कर दिया गया।
सलमान खान ने जिला एवं सत्र न्यायालय में इस सजा के खिलाफ अपील की और जमानत पर रिहा हुए।
वहीं, सह-आरोपियों के बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में लीव टू अपील दायर की।
सुनवाई के दौरान सलमान खान की पांच साल की सजा को चुनौती देने वाली अपील भी हाईकोर्ट में ट्रांसफर की गई।
इसके अलावा, सलमान खान के खिलाफ 15 अक्टूबर 1998 को लूणी थाने में दर्ज ऑर्म्स एक्ट मामले की अपील को भी 21 मार्च 2022 को हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।