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शाहरुख-दीपिका को राहत, भरतपुर एफआईआर पर रोक बरकरार, मामला मध्यस्थता को भेजा

जयपुर, 25 सितम्बर।

राजस्थान हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को बड़ी राहत दी है.

जस्टिस सुदेश बंसल की बेंच ने भरतपुर में दर्ज एफआईआर पर लगाई गई रोक को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने 10 सितम्बर को एफआईआर पर रोक लगाई थी, जिसे आज भी बरकरार रखा है.

यह एफआईआर दोनों कलाकारों के खिलाफ हुंडई कंपनी की डिफेक्टिव कार की मार्केटिंग करने के आरोप में दर्ज की गई थी।

एफआईआर में शाहरुख और दीपिका के साथ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनसो किम, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर तरुण गर्ग और कई शोरूम मालिकों के नाम भी शामिल किए गए थे.

मीडिएशन के लिए मामला

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति से मामले को मीडिएशन के लिए भेज दिया। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई से पहले दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की बैठक होनी चाहिए।

कार में तकनीकी खराबी

भरतपुर निवासी अधिवक्ता कीर्ति सिंह ने जून 2022 में 23.97 लाख रुपये की कीमत पर हुंडई कंपनी की कार खरीदी थी.

उनका आरोप है कि हाईवे पर ओवरटेक करते समय गाड़ी पिकअप नहीं लेती, सिर्फ आरपीएम बढ़ता है और ओडोमीटर पर मालफंक्शन का साइन आने लगता है।

6–7 महीने कार चलाने के बाद इसमें लगातार तकनीकी खराबियां आने लगीं। तेज चलने पर गाड़ी से आवाज आने लगी और इंजन मैनेजमेंट सिस्टम पर खराबी का साइन दिखने लगा.

सिंह का कहना है कि कई बार हादसा होते-होते बचा। शिकायत करने पर शोरूम ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट बताते हुए सुधारने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अदालत में परिवाद दायर किया, जिस पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश

एफआईआर के खिलाफ शाहरुख, दीपिका और कंपनी अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनके खिलाफ कोई स्पष्ट आरोप नहीं है.

परिवादी ने करीब तीन साल तक (67 हजार किमी से ज्यादा) कार चलाई, ऐसे में यह उपभोक्ता विवाद का विषय हो सकता था, न कि आपराधिक मामला।

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