जयपुर/बाड़मेर/चौहटन 26 सितंबर
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देश पर बाड़मेर के दृष्टिबाधित बच्चो को तुरंत लाभ मिला हैं.
शुक्रवार को सच बेधड़क मीडिया ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में तीन दृष्टिबाधित बच्चों और एक दिव्यांग बच्चे का परीक्षा केंद्र उनके घर से लगभग 100 किलोमीटर दूर आवंटित होने की खबर प्रसारित की थी.
जिसके बाद यह मामला राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान आने पर कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.
जिसके बाद रालसा अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रों के हितों को सुरक्षित करने का बीड़ा उठाया.
“सच बेधड़क” TV ने 24 सितंबर 2025 के समाचार शीर्षक “दृष्टिबाधितों के संघर्षों के सफर में स्नातकोत्तर की दहलीज पर एक बार फिर परीक्षा केंद्र बना चुनौती” के संदर्भ में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था.
इसके बाद विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा रजिस्ट्रार, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से व्यक्तिगत संपर्क कर निर्देशों का पालन करते हुए छात्रों के परीक्षा केंद्र को उनके नजदीकी स्थान चौहटन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए.
जिसके बाद इन छात्रो के लिए जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय ने नए परीक्षा केंद्र के रूप में “दक्ष महाविद्यालय, कैरनाडा, रामसर रोड, चौहटन (बाड़मेर)” का आवंटन किया और नए प्रवेश पत्र जारी किए.
छात्रों को नए परीक्षा केंद्र की जानकारी उनके मोबाइल नंबर पर प्रेषित की गई, साथ ही प्रवेश पत्र की प्रतियां एसीजेएम, बाड़मेर लिंक अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाड़मेर को भी व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजी गई।
इस पहल से दृष्टिबाधित और दिव्यांग छात्रा ने विधिक सेवा प्राधिरकण की टीम का आभार जताया हैं.