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सुधा मेडीकल कॉलेज को Rajasthan Highcourt से बड़ी राहत, 150 मेडीकल सीटों के लिए नया CoA जारी करने के लिए दिया मौका

Justice Sanjeet Purohit

जयपुर, 17 अक्टूबर

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने सुधा मेडिकल कॉलेज, कोटा को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) को आदेश दिया है कि वह कॉलेज को 2025-26 सत्र के लिए 150 सीटों की स्वीकृति का नया “कंसेंट ऑफ अफिलिएशन” (CoA) जारी करें.

जस्टिस संजीत पुरोहित की एकलपीठ ने यह आदेश सुधा मेडिकल कॉलेज द्वारा याचिका पर दिए हैं.

अधिवक्ता Sandeep Singh Sekhawat P.S. Naruka ने सुधा मेडिकल कॉलेज की ओर से याचिका दायर कर पैरवी करते हुए अदालत से कहा राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 24 मार्च 2023 को कॉलेज को Essentiality Certificate जारी किया था, जिसमें 150 सीटों की मंजूरी दी गई थी.

यह प्रमाणपत्र तीन शैक्षणिक वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए वैध था.

इस प्रमाणपत्र के आधार पर आरयूएचएस ने 9 अप्रैल 2023 को कॉलेज को 150 सीटों के लिए “Consent of Affiliation” (CoA) जारी किया था.

लेकिन जब कॉलेज ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से अनुमति मांगी, तो एनएमसी ने निरीक्षण के बाद जुलाई 2024 में केवल 100 सीटों की अनुमति दी.

कॉलेज ने इस निर्णय के खिलाफ अपील की, जो वर्तमान में हाईकोर्ट में लंबित है.

अधिवक्ता ने कहा कि कॉलेज ने अगले सत्र 2025-26 के लिए सीटें 100 से 150 बढ़ाने के लिए आवेदन किया.

एनएमसी की मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने मई 2025 में कॉलेज को नोटिस भेजकर दो कमियां बताईं —

नया CoA प्रस्तुत नहीं किया गया, क्योंकि पुराना CoA पहले ही 2024-25 के लिए उपयोग हो चुका है।
पाठ्यक्रम के नवीनीकरण प्रमाणपत्र (Renewal Certificate) की कमी है.

कॉलेज ने आरयूएचएस से नया CoA देने का अनुरोध किया, लेकिन विश्वविद्यालय ने 27 मई 2025 को केवल एक स्पष्टीकरण पत्र एनएमसी को भेजा कि 9 अप्रैल 2023 को जारी CoA तीन वर्ष तक वैध रहेगा. इसके बावजूद एनएमसी ने 8 सितंबर 2025 को कॉलेज का प्रस्ताव खारिज कर दिया.

मेडीकल कॉलेज की ओर से दलील दि गयी कि चूंकि आरयूएचएस ने स्वयं यह स्पष्ट किया था कि पुराना CoA तीन वर्ष तक वैध है, तो नए CoA से इनकार करना अनुचित और मनमाना है.

मामले में राज्य सरकार और आरयूएचएस की ओर से अधिवक्ता यश जोशी, अंगद मिर्धा और मोनिषा अग्रवाल ने दलील दी कि आरयूएचएस से संबद्धता के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 9 मार्च 2025 थी, जिसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता.

हाईकोर्ट का आदेश

दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि आरयूएचएस स्वयं पहले भी आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा चुका है, इसलिए अब यह कहना कि तारीख बीत गई, विरोधाभासी और अनुचित है.

कोर्ट ने यह भी कहा कि कॉलेज ने आवश्यक ढांचागत सुविधाएं और फैकल्टी उपलब्ध कराई हैं तथा सरकार ने 150 सीटों की अनुमति पहले ही दी है, इसलिए केवल तकनीकी आधार पर कॉलेज को वंचित नहीं किया जा सकता.

हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि आरयूएचएस कॉलेज को 150 सीटों के लिए आवेदन करने की अनुमति दे, चाहे वह आवेदन ऑनलाइन हो या ऑफलाइन.

साथ ही यह भी आदेश दिया कि आरयूएचएस, 24 सितंबर 2025 के अपने अस्वीकृति आदेश को ध्यान में न रखते हुए, कॉलेज की नई याचिका पर निर्णय ले.

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश एनएमसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल आरयूएचएस को संबद्धता प्रक्रिया को विधि अनुसार पूरा करने का निर्देश है।

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