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Anta assembly bypoll: विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं SMS के डॉक्टर विनय मल्होत्रा, Highcourt ने राज्य सरकार को दिए अब आदेश

HC Notice to Rajasthan University VC

जयपुर, 17 अक्टूबर

प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल के डॉक्टर विनय मल्होत्रा आगामी अंता विधानसभा के उपचुनाव में चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) के लिए आवेदन किया है। लेकिन राज्य सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण तत्काल सेवानिवृत्ति देने से इंकार किया है।

Rajasthan Highcourt ने इस मामले में अब डॉक्टर विनय मल्होत्रा की याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता डॉक्टर विनय मल्होत्रा के आवेदन पर 20 अक्टूबर 2025 की शाम 6 बजे तक निर्णय ले और इसकी सूचना याचिकाकर्ता को दें।

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने यह आदेश Dr. Vinay Malhotra की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

चुनाव लड़ना चाहते हैं…

अधिवक्त अनिता अग्रवाल, लक्ष्मीकांत टेलर, कल्पना और विभांशु शर्मा के जरिए याचिका दायर कर डॉ. मल्होत्रा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में SMS मेडिकल कॉलेज एवं संबंधित अस्पतालों में सेवा दे रहे हैं, और उन्होंने 7 अक्टूबर 2025 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता आगामी अंता विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करना चाहते हैं।

चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर 2025 को उपचुनाव की तारीखें घोषित की थीं और नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर 2025 तय की है।

याचिका में कहा गया कि नियमों के अनुसार उन्होंने पर्याप्त सेवा अवधि पूरी कर ली है और उनका आवेदन स्वीकृत किया जाना चाहिए।

अधिवक्ता ने हाईकोर्ट सहित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों जैसे डॉ. अमित माटुर बनाम राजस्थान राज्य और UP राज्य बनाम अचल सिंह के फैसलों का भी हवाला दिया।

सरकार ने कहा—विशेषज्ञ की कमी

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सहायक महाधिवक्ता (AAG) विज्ञान शाह ने याचिका का विरोध करते हुए सरकार का बचाव किया और कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण तत्काल सेवानिवृत्ति देने से प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्वचालित नहीं होती, इसे राज्य के अनुमोदन की आवश्यकता होती है।

20 अक्टूबर तक करें निर्णय

दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सर्विस रूल्स नियम 50 के अनुसार, यदि तीन महीने की नोटिस अवधि के दौरान कोई निर्णय नहीं लिया गया तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्वतः प्रभावी हो जाएगी।

हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह आवेदन पर 20 अक्टूबर 2025 शाम 6 बजे तक निर्णय ले और इसकी सूचना याचिकाकर्ता को दें।

राजस्थान हाईकोर्ट ने डॉक्टर विनय मल्होत्रा की याचिका को आंशिक रूप से अनुमति देते हुए राज्य सरकार को नियमों और सरकारी निर्णयों के अनुसार आवेदन पर विचार करने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की अस्थायी अनुमति (Provisional Permission) की मांग को खारिज कर दिया है।

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