जयपुर, 4 नवम्बर 2025
राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया का पहला चरण (Enumeration Phase) आज से शुरू हो गया है।
गणना का यह पहला चरण 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक एक माह चलेगा। इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान (@CeoRajasthan) ने विस्तृत जानकारी साझा की है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, गणना के इस प्रथम चरण के दौरान बी.एल.ओ. (BLO) आपके घर आकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे।
प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए बी.एल.ओ. अधिकतम तीन बार घर पर आएगा।
इस चरण के मुख्य बिंदुओं में मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
जिन मतदाताओं की जानकारी पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मतदाता सूची में पहले से मैप्ड (mapped) है, उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी।
मतदाता यदि यह सुनिश्चित करना चाहें कि उनका नाम पिछली SIR सूची में मैप हुआ है या नहीं, तो वे अपने क्षेत्र के BLO की सहायता से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निर्वाचन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे गणना चरण में BLO के साथ सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में सही रूप में शामिल किया गया हो।
आसान प्रपत्र
भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत गणना प्रपत्र को अब और भी सरल बना दिया है।
नया प्रपत्र अब केवल एक पृष्ठ का होगा, जिसमें मतदाता का नाम, ईपिक नंबर, पता, भाग एवं क्रमांक संख्या पहले से ही भरी हुई होगी, साथ ही मतदाता की फोटो भी पहले से प्रिंट रहेगी।
बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को यह प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और उसे भरने में मदद करेंगे।
मतदाताओं को केवल कुछ आवश्यक जानकारियाँ भरनी होंगी — जैसे जन्म तिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), माता-पिता या अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर और एक नई रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी।
जिन मतदाताओं का नाम पिछली SIR सूची में नहीं है, लेकिन उनके परिजनों (जैसे माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी) का नाम दर्ज है, उनके विवरण के आधार पर मैपिंग की जाएगी।
9 राज्यों में आज से अभियान
भारत निर्वाचन आयोग आज से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू कर रहा है।
इन सभी क्षेत्रों में कुल 51 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। यह अभियान 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगा।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का यह चरण चलेगा, वे हैं: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी।
इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए यह पुनरीक्षण प्रक्रिया इन राज्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
70 प्रतिशत मतदाताओं को हो चुका मिलान
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) नवीन महाजन ने इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि राजस्थान में 70 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नामों का मिलान हो चुका है।
उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर तक प्रदेश में कुल 5,48,84,570 मतदाताओं के नाम पंजीकृत हैं। वर्ष 2002 से 2005 की वोटर लिस्ट की तुलना में अब तक 70.55 प्रतिशत मतदाताओं के नाम दोनों सूचियों में एक समान पाए गए हैं। शेष नामों का मिलान अभी प्रक्रिया में है।
महाजन ने बताया कि 70.55 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को किसी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा।
हटाए गए नाम वेबसाइट पर डाले जाएंगे
ड्राफ्ट लिस्ट से अनुपस्थित, मृत या डबल एंट्री वाले नाम हटाए जाएंगे। ये नाम अलग से वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएंगे।
किसी भी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर नहीं हो सकता। इसके उल्लंघन पर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
यदि कोई व्यक्ति ईआरओ (ERO) के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह कलेक्टर के समक्ष अपील कर सकता है, और अंतिम अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जा सकेगी।