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2026: राजस्थान की न्यायपालिका के लिए नई उम्मीदों का साल

2026: A Year of Reform and Renewed Confidence for Rajasthan Judiciary

जयपुर। वर्ष 2026 की शुरुआत राजस्थान की न्यायपालिका के लिए नई अपेक्षाओं, सुधारों और भरोसे के साथ हो रही है। बीते वर्षों में न्यायिक सक्रियता, ऐतिहासिक फैसलों और प्रशासनिक​ निर्णयों के बाद अब नजरें उस दौर पर टिकी हैं, जहां न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठने की उम्मीद है।

राजस्थान हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती लंबित मामलों की संख्या को कम करना है। न्यायिक रिक्तियों की पूर्ति, समयबद्ध सुनवाई और तकनीक के बेहतर उपयोग को लेकर वर्ष 2026 में अहम फैसले और नीतिगत पहल सामने आ सकती हैं।

कार्यदिवसों में बढोतरी, ईवनिंग कोर्ट, स्थायी लोक अदालतों का विस्तार जैसे प्रयोग अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की अनिवार्य जरूरत बनते जा रहे हैं और इनकी शुरूआत राजस्थान की न्यायपालिका में होने जा रही हैं.

लंबे समय बाद प्रदेश में वकिलों की सबसे बड़ी संस्था राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव पर सभी की नजर रहेगी.

न्यायपालिका से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष न्यायिक प्रशासन में सुधारों पर विशेष जोर रहने की संभावना है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट दिशा तय किए जाने की अपेक्षा की जा रही है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और न्यायालयीन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी पहल की उम्मीद है।

वर्ष 2026 में जनहित याचिकाओं, नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े मामलों में भी न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। पर्यावरण संरक्षण, महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी नीतियों से जुड़े मामलों में अदालतों से संतुलित लेकिन प्रभावी हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।

युवाओं और कानून के विद्यार्थियों के लिए भी यह वर्ष महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। न्यायिक सेवाओं की परीक्षाओं, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और नई नियुक्तियों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

वर्ष 2026 में कई फैसलों का इंतजार हैं तो जनहित से जुड़े कई बड़े मामलो पर सुनवाई का इंतजार हैं..

एसआई भर्ती 2021 से नए वर्ष की शुरूआत

SI भर्ती 2021 मामले पर राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ नए वर्ष के पहले ही कार्यदिवस 5 जनवरी को सुनवाई करेगी. अब 5 जनवरी 2026 को इस मामले में आगे की सुनवाई होगी, जिसमें तय होगा कि भर्ती रद्द होगी या नहीं

राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ (Division Bench) में एकलपीठ (Single Bench) द्वारा भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ दायर सरकार और चयनित उम्मीदवारों की अपीलों पर सुनवाई होगी.

एकलपट्टा मामले में सुनवाई

बहुचर्चित 11 साल पुराने एकलपट्टा प्रकरण में अब राजस्थान हाईकोर्ट 7 जनवरी 2026 को सुनवाई होगी. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की विशेष एकलपीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी.

इस सुनवाई में राज्य सरकार द्वारा अभियोजन वापस लेने के आवेदन पर फैसला हो सकता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री शांति धारीवाल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी है और मामले की विस्तृत सुनवाई जारी है।

86 कॉलोनियो में हटेगा अतिक्रमण !

जयपुर की 86 अवैध कॉलोनियों (सांगानेर के पास) के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का अंतिम फैसला 2026आ सकता हैं. नवंबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने राजस्थान सरकार की नियमित (regularize) करने की योजना को खारिज कर दिया था, जिससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का दबाव बन गया हैं. वही हाईकोर्ट ने भी सरकार को आदेशो की पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा था.

अरावली पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

अरावली की परिभाषा तय करने वाले सुप्रीम कोर्ट के विवादित 20 नवंबर 2025 के फैसले पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने ही रोक लगा दी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा पर रोक लगा दी है, जिससे कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर अवैध खनन का खतरा बढ़ सकता था। केंद्र और चार राज्यों को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 21 जनवरी 2026 को तय की हैं.

जोजरी, बांडी में प्रदूषण मामला

पश्चिमी राजस्थान में खासतौर से पाली, बालोतरा, बाड़मेर में जोजरी, बांडी और लूणी नदी में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा ​गठित कमेटी ने कार्य शुरू कर दिया हैं. इस मामले में जस्टिस संगीत लोढा की अध्यक्षता में गठित कमेटी अपनी पहली रिपोर्ट आगामी 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी,साथ ही इसी दिन सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा।

अधिवक्ता कल्याण अधिनियम को चुनौती

अधिवक्ता कल्याण अधिनियम (Advocates Welfare Act) को हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, जिसमें 2020 के संशोधनों पर सवाल उठाया गया है, इसमें 40 और 50 साल की प्रैक्टिस के बाद मिलने वाली राशि में आनुपातिक वृद्धि नहीं होने, वकालतनामा पर लगने वाले कल्याण स्टांप शुल्क (Welfare Stamp Fee) को बढाने के चुनौती दी गयी हैं. हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अब इस मामले में सुनवाई होगी.

8 साल बाद राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव

लंबे इंतजार और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मार्च 2026 में देशभर में बार काउंसिल के चुनाव होने जा रहे हैं. राजस्थान बार काउंसिल के 8 साल बाद चुनाव होंगे. 8 साल पहले 25 सदस्य चुने गए थे लेकिन 5 साल के कार्यकाल को बढ़ाकर 8 साल कर दिया गया.

नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति

वर्ष 2026 में राजस्थान को नए मुख्य न्यायाधीश मिल सकते हैं. वर्तमान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को ही राजस्थान के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति दी जा सकती हैं. जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा का कार्यकाल 26 सितंबर 2026 तक हैं.

17 शनिवार कार्यदिवस

वर्ष 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट में प्रत्येक माह के दो शनिवार कार्यदिवस घोषित किए गए हैं. जिसके साथ ही हाईकोर्ट के कैलेण्डर में कुल 17 शनिवार कार्यदिवस शामिल किए गए हैं. राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट में लिए गए फैसले के बाद इसे लागू किया गया हैं हालाकि राजस्थान हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने इस फैसले पर पुर्नविचार का अनुरोध किया था.

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