जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित रिटायर्ड न्यायाधीश जस्टिस पानाचंद जैन का आज पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनका अंतिम संस्कार झालाना मोक्षधाम में संपन्न हुआ, जहां न्यायिक और विधि जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
दिवंगत जस्टिस पानाचंद जैन की अंतिम यात्रा दोपहर 1 बजे मालवीय नगर स्थित उनके आवास से रवाना हुई, जो मौजी कॉलोनी होते हुए झालाना मोक्षधाम पहुंची। अंतिम यात्रा में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल हुए।
अंतिम दर्शन के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जस्टिस पानाचंद जैन की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
99 वर्ष की आयु में हुआ निधन
गौरतलब है कि जस्टिस पानाचंद जैन का मंगलवार को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही न्यायिक जगत, अधिवक्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों में शोक की लहर दौड़ गई।
न्यायिक सेवा में रहा उल्लेखनीय योगदान
जस्टिस पानाचंद जैन ने जुलाई 1985 से मार्च 1989 तक राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल के दौरान वे न्यायप्रियता, सादगी और अनुशासन के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते रहे। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मामलों में निष्पक्ष और दूरदर्शी निर्णय देकर न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की।
गुरुवार को शोकसभा व तिये की बैठक
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिवंगत जस्टिस पानाचंद जैन के निधन पर गुरुवार 29 जनवरी को प्रातः 9 बजे से 10 बजे तक तोतूका भवन, भट्टारक जी की नासिया, जयपुर में शोकसभा एवं तिये की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
परिवार में शोक का माहौल
दिवंगत जस्टिस पानाचंद जैन अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। शोकाकुल परिवार में उनके पुत्र-पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रवधू, दोहिते-दोहितियां सहित अन्य परिजन शामिल हैं। परिवार की ओर से संवेदना व्यक्त करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया गया है।
न्यायिक जगत ने एक अनुभवी, आदर्श और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है। जस्टिस पानाचंद जैन का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
