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जयपुर में कॉमनवेल्थ पीस, मीडिएशन एंड रूल्स ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ, सीजेआई सूर्यकांत ने किया उद्घाटन

Acting Chief Justice S.P. Sharma Inaugurates Commonwealth Peace Mediation Conference in Jaipur

जयपुर। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस, मीडिएशन एंड रूल्स ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कॉमनवेल्थ के 52 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन का संयुक्त आयोजन राजस्थान हाईकोर्ट, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा), सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, निवारण मेडिएटर्स ऑफ सुप्रीम कोर्ट तथा कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है। यह सम्मेलन 2 अगस्त तक चलेगा।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था में मध्यस्थता (मीडिएशन) को प्रभावी और सुलभ विवाद समाधान के रूप में बढ़ावा देना तथा विभिन्न देशों के न्यायविदों, न्यायाधीशों और विशेषज्ञों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।

न्याय तक आसान पहुंच और मध्यस्थता को मिलेगा नया आयाम: ACJ एस.पी. शर्मा

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.पी. शर्मा ने कहा कि आज के वैश्विक दौर में, जहां विवाद सीमाओं और संस्कृतियों से परे हैं, वहां केवल न्यायिक निर्णय ही पर्याप्त नहीं हैं।

मध्यस्थता (Mediation) ऐसी व्यवस्था है जो संवाद को बढ़ावा देती है, रिश्तों को बनाए रखती है और स्वैच्छिक समाधान के माध्यम से समाज में स्थायी शांति तथा न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करती है।

उन्होंने यह बात जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस ऑन पीस, मेडिएशन एंड रूल ऑफ लॉ के उद्घाटन अवसर पर स्वागत उद्बोधन में कही।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जयपुर में पहली बार इस स्तर का अंतरराष्ट्रीय कॉमनवेल्थ मेडिएशन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मध्यस्थता को न्याय प्रणाली का प्रभावी, मानवीय और सुलभ विकल्प बनाना, न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना तथा रूल ऑफ लॉ को और सशक्त करना है।

उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित मुख्य अतिथि, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल तथा भारत और विदेशों से आए न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान न्यायिक सुधार, वैकल्पिक विवाद निस्तारण (ADR), विधिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और वैश्विक स्तर पर मध्यस्थता की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा होगी, जिससे न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनहितैषी बनाने की दिशा में नए सुझाव सामने आएंगे।

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