राजस्थान हाईकोर्ट के सतीशचन्द्र सभागार में अधिवक्ता दिवस पर समारोह का आयोजन
जयपुर, 3 दिसंबर
राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस उमाशंकर व्यास ने कहा कि अधिवक्ता आज भारत देश के मजबूत लोकतंत्र के प्रमुख आधार हैं.
जस्टिस उमाशंकर व्यास ने कहा कि भारतवर्ष में हर व्यक्ति किसी ना किसी प्रोफेशन से जुड़ा होता है और वो अपने तरीके से देश की सेवा कर रहा होता हैं, लेकिन अधिवक्ता के प्रोफेशन में पैसा एकत्रित करना गौण उद्देश्य हैं जबकि वंचितो को न्याय दिलाना उसका मुख्य उद्देश्य हैं
जस्टिस उमाशंकर व्यास राजस्थान हाईकोर्ट के सतीशचन्द्र सभागार में अधिवक्ता दिवस पर राजस्थान अधिवक्ता परिषद की ओर से आयोजित अधिवकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही है.
उन्होने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक स्वतंत्रता आंदोलन में सभी अधिवकतओं की महती भूमिका रही हैं.
मोतीलाल नेहरू, गांधीजी सहित हजारो अधिवक्ताओं ने देश को स्वतंत्रता दिलाने में अपना जीवन दिया हैं. उसके बाद भी हर कालखंड में अधिवकता देश की सरकारों को कानून बनाने से लेकर जनहित याचिका के जरिए आम जनता के लिए कार्य करते आ रहे हैं.
एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार का समर्थन करे
समारोह की अध्यक्षता कर रहे केन्द्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे लोकतंत्र का आधार लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के स्तर पर शासकीय प्रयासों और मूलभूत रूप से एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को समर्थन देने की जरूरत हैं.

भरत व्यास ने इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद करीब 20 साल तक एक साथ चुनाव होते रहे हैं.
एएसजी भरत व्यास ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवकता लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ है और उन्हे एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर विचार स्पष्ट रखने चाहिए.
उन्होने कहा अधिवक्ताओं को इस विचार के प्रति उठने वाले मतांतरों को समझाने की जरूरत होगी.
राष्ट्रगीत से हुआ समारोह का आगाज
सतीशचन्द्र सभागार में आयोजित समारोह का आगाज राष्ट्रगीत के साथ किया गया तत्पश्चात सस्वती मां के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन किया गया.
समारोह में अतिरिक्त महाधिवक्ता जी एस गिल, बसंतसिंह छाबा, राजेश चौधरी, नीरज बत्रा, संजय महला सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे.
