जोधपुर: करीब तीन महीने से हर दिन बदलते समीकरण, लंबी मतगणना और ट्रांसफर वोटों के रोमांच के बाद आखिरकार राजस्थान बार काउंसिल चुनाव की तस्वीर साफ होने लगी है।
अब तक आठ अधिवक्ताओं ने जीत का कोटा हासिल कर लिया है, जबकि जोधपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत जोशी ने लगातार तीसरी बार जीत सुनिश्चित कर नया रिकॉर्ड बना दिया है।
जैसे ही उनके निर्वाचन की खबर सामने आई, जोधपुर में साथी अधिवक्ताओं और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया।
फूल-मालाएं पहनाकर रणजीत जोशी का स्वागत किया गया और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई गई।
करीब तीन महीने से चल रही मतगणना अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। ट्रांसफर वोटों की हर नई गिनती के साथ उम्मीदवारों की स्थिति बदलती रही, लेकिन अब एक-एक कर विजेताओं के नाम सामने आने लगे हैं।
चुनाव परिणामों का लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की नजर अब हर नए राउंड पर टिकी हुई है।
8 प्रत्याशियों ने पूरा किया जीत का कोटा
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान की ओर से जारी मतगणना के मुताबिक अब तक नीरज गुर्जर, हरेंद्र सिंह सिनसिनवार, रतन सिंह राव, भुवनेश्वर शर्मा, सुरेश चंद्र श्रीमाली, प्रशांत शर्मा, योगेंद्र सिंह शक्तावत और रणजीत जोशी निर्धारित मतों का कोटा हासिल कर चुके हैं।
इन सभी उम्मीदवारों का निर्वाचन अब लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि बाकी सीटों के लिए मतों के स्थानांतरण और गणना की प्रक्रिया अभी जारी है।
आने वाले चरणों में अन्य विजेताओं के नाम भी सामने आएंगे।
रणजीत जोशी ने लगातार तीसरी बार बनाया रिकॉर्ड
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा जोधपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत जोशी की रही। उन्होंने लगातार तीसरी बार जीत का कोटा हासिल कर बार काउंसिल में अपनी मजबूत पकड़ एक बार फिर साबित कर दी।
उनके निर्वाचन की खबर मिलते ही जोधपुर में अधिवक्ताओं ने खुशी जाहिर की। साथी वकीलों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं, मिठाई खिलाई और जीत की शुभकामनाएं दीं।
समर्थकों ने इसे अधिवक्ता समाज के बीच उनके लंबे अनुभव, सक्रिय भूमिका और मजबूत जनसंपर्क का परिणाम बताया।
3 महीने तक क्यों चली मतगणना?
राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव में स्थानांतरण मत प्रणाली अपनाई जाती है।
पहले प्रथम वरीयता के मतों की गणना कर जीत का कोटा तय किया जाता है। इसके बाद अलग-अलग चरणों में स्थानांतरण मतों की गिनती होती है।
इसी वजह से इस बार भी मतगणना करीब तीन महीने तक चली और अब धीरे-धीरे विजेताओं की तस्वीर साफ होने लगी है।
2614.31 मतों का था जीत का कोटा
प्रथम वरीयता के मतों की गणना पूरी होने के बाद इस चुनाव में जीत के लिए 2614.31 मतों का कोटा तय किया गया था।
इसके बाद स्थानांतरण मतों की गणना शुरू हुई।
हर चरण के साथ उम्मीदवारों के मतों में बदलाव आता रहा और अब तक आठ प्रत्याशी निर्धारित कोटा हासिल कर अपना निर्वाचन लगभग सुनिश्चित कर चुके हैं।
बाकी उम्मीदवारों के लिए मतों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी जारी है।
बाकी सीटों पर अभी भी मुकाबला जारी
बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सभी सदस्यों का निर्वाचन अभी पूरा नहीं हुआ है। बाकी उम्मीदवारों के बीच मुकाबला जारी है और स्थानांतरण मतों की गिनती के साथ उनकी स्थिति लगातार बदल रही है।
मतगणना पूरी होने के बाद सभी निर्वाचित सदस्यों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
इसके बाद गजट अधिसूचना जारी होगी और नई बार काउंसिल के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अंतिम नतीजों पर टिकी नजर
करीब तीन महीने तक चले इस चुनाव ने पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचे रखा।
हर नए राउंड के बाद बदलते समीकरणों ने मुकाबले को रोचक बनाए रखा।
अब जबकि आठ उम्मीदवारों की जीत लगभग तय हो चुकी है, बाकी सीटों को लेकर भी उत्सुकता चरम पर है।
आने वाले राउंड में जैसे-जैसे मतों का स्थानांतरण पूरा होगा, वैसे-वैसे राजस्थान बार काउंसिल के नए सदस्यों की पूरी तस्वीर भी साफ हो जाएगी।