अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने की बड़ी पहल, समझौते और मध्यस्थता से होंगे विवादों के त्वरित समाधान
जयपुर। राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है।
प्रदेश में वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली (ADR) को नई दिशा देने के उद्देश्य से जयपुर में अत्याधुनिक “जयपुर आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर” तैयार हो गया है, जिसका भव्य उद्घाटन कल 10 मई को किया जाएगा।
इस हाईटेक सेंटर का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता करेंगे। उद्घाटन समारोह जयपुर स्थित विधिक सेवा सदन में सुबह 9:45 बजे आयोजित होगा।
कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी समारोह में शामिल होंगे।

राजस्थान में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ADR सेंटर
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से स्थापित किया जा रहा यह सेंटर राज्य में मध्यस्थता (Mediation) और आर्बिट्रेशन (Arbitration) की प्रक्रिया को संस्थागत रूप देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
न्यायपालिका लंबे समय से इस बात पर जोर देती रही है कि हर विवाद का समाधान वर्षों तक अदालतों में मुकदमे चलाकर नहीं किया जा सकता।
ऐसे में आपसी सहमति, मध्यस्थता और समझौते के जरिए विवादों का निपटारा करने वाली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह सेंटर तैयार किया गया है।
अब कोर्ट के बाहर भी मिलेगा त्वरित न्याय
“जयपुर आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर” का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और पक्षकारों को तेज, सस्ता और सरल न्याय उपलब्ध कराना है।
इस सेंटर के जरिए वाणिज्यिक विवाद, पारिवारिक विवाद, संस्थागत विवाद, अनुबंध संबंधी मामले और अन्य समझौता योग्य प्रकरणों का समाधान आपसी सहमति से कराया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हजारों मामलों का निस्तारण अदालतों में लंबी सुनवाई के बिना ही संभव हो सकेगा।
उद्घाटन से पहले खुद पहुंचे ACJ
उद्घाटन समारोह से एक दिन पहले शनिवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सेंटर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के समापन के तुरंत बाद जस्टिस इन्द्रजीत सिंह के साथ वे सेंटर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रालसा के सदस्य सचिव और राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल भी मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को लेकर प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम में न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और अधिवक्ता शामिल होंगे।
न्यायपालिका की नई सोच का प्रतीक बनेगा सेंटर
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सेंटर राजस्थान में न्यायिक सुधारों का नया मॉडल साबित हो सकता है। वर्तमान में अदालतों में लाखों मामले लंबित हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे विवादों की है जिन्हें मध्यस्थता और समझौते के जरिए आसानी से निपटाया जा सकता है।

ऐसे मामलों को अदालतों के बाहर ही हल करने से न केवल न्यायपालिका पर बोझ कम होगा बल्कि पक्षकारों का समय और पैसा भी बचेगा। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट लगातार ADR प्रणाली को बढ़ावा दे रहे हैं।
कार्यक्रम में होगी विशेष चर्चा
उद्घाटन समारोह के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिव, राजस्थान में कानूनी सहायता, विधिक सेवाओं और ADR प्रणाली के क्रियान्वयन पर प्रस्तुतीकरण देंगे।
साथ ही NALSA और RSLSA की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को लेकर चर्चा भी की जाएगी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता का कीनोट एड्रेस रहेगा।
अपने संबोधन में वे न्याय व्यवस्था में वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र की बढ़ती भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से विचार रखेंगे।
न्याय व्यवस्था में बदलाव की बड़ी शुरुआत
कानूनी जानकारों के अनुसार “जयपुर आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर” भविष्य में राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक समाधान केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी बल्कि लोगों को कम समय में प्रभावी न्याय भी मिल सकेगा।
राजस्थान में न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में इस सेंटर को एक बड़ी और निर्णायक पहल माना जा रहा है।