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BCR ELECTION 2026 : जयपुर हाईकोर्ट में पुनर्मतदान के लिए 800 से अधिक कर्मियों की तैनाती, 350 पुलिसकर्मी, 63 चुनाव आयोग के कार्मिक

Jaipur High Court Re-Poll: 800+ Personnel Deployed, Voting Under Tight Security Measures


जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ में होने वाले पुनर्मतदान को लेकर हाई-पावर्ड कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं

22 अप्रैल को मतदान रद्द होने के बाद इस बार किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के लिए हाई-पावर्ड कमेटी पूरी सतर्कता बरत रही है।

प्रदेश के सबसे बड़े मतदान केंद्र होने के कारण यहां विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रह सके।

हाईकोर्ट में मतदान केन्द्रों की व्यवस्था को लेकर चुनावी टीम ने नक्शा भी जारी किया हैं.

800 से अधिक लोगों की टीम तैनात

राजस्थान बार काउंसिल चुनाव के तहत राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में हो रहे पुनर्मतदान के लिए 800 से अधिक लोगों की बड़ी टीम तैनात की गई है।

पुनर्मतदान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए दो अतिरिक्त पोलिंग अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। अधिवक्ता नरेंद्र सिंह शेखावत और दिनेश पाठक को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दोनों ही अधिवक्ता हाल ही में हाईकोर्ट बार चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

दिनेश पाठक

सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने 3 अनुभवी अधिकारियों के साथ 60 कर्मचारियों को भी चुनावी टीम में शामिल किया है।

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन के 40 कर्मचारियों को भी इस चुनाव में शामिल किया गया है।

इसके साथ ही हाई-पावर कमेटी के तहत 350 अधिवक्ताओं की टीम को विशेष रूप से तैयार किया गया है।

इन चुनावों को लेकर दो सहायक चुनाव अधिकारी के रूप में अधिवक्ता नरेंद्र सिंह शेखावत और दिनेश पाठक को जिम्मेदारी दी गई है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

राजस्थान हाईकोर्ट में पुनर्मतदान को लेकर सुरक्षा के बड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

पूर्व में हुई अव्यवस्था को देखते हुए इस बार हाईकोर्ट परिसर के लिए कुल 350 पुलिस के जवान तैनात होंगे।

सुरक्षा और निगरानी के लिए पूरे परिसर में 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि 5 एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था भी की गई है।

कड़ी सुरक्षा में रखे गए मतपत्र, ई-लाइब्रेरी बना कंट्रोल रूम

सोमवार को होने वाले पुनर्मतदान को देखते हुए मतपत्रों और मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए चुनाव समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त बना दिया है।

हाईकोर्ट परिसर स्थित ई-लाइब्रेरी को इस बार कंट्रोल रूम में तब्दील किया गया है। यहां से पूरे मतदान प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

सभी मतपेटियों को विधिवत सील कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, मतपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल अपनाए गए हैं और केवल अधिकृत कर्मियों को ही वहां प्रवेश की अनुमति दी गई है।

चुनाव समिति का कहना है कि इस बार पुनर्मतदान को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं की स्पेशल टीम गठित

हाई-पावर कमेटी ने संपूर्ण चुनाव में सहयोग के लिए विशेष 20 वरिष्ठ अधिवक्ताओं की स्पेशल कमेटी बनाई गई है।

इस कमेटी में राज्य के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास, पूर्व एएसजी आर. डी. रस्तोगी, मेजर आर.पी. सिंह, राजदीपक रस्तोगी, महेंद्र शाह, मंजीत कौर, जगमोहन सक्सेना, लोकेश शर्मा, अश्वनी चोबीसा, चिमना राम पूनिया, विपिन अग्रवाल, संदीप सिंह शेखावत, जय प्रकाश गुप्ता, प्रशांत कुमार चतुर्वेदी, अंगद मिर्धा, प्रदीप चौधरी, नाथू सिंह चौहान, जया पी. पाठक, संदीप पाठक, आशीष कुमार, भारत शर्मा शामिल हैं।

प्रदेशभर के प्रत्त्याशियों और उनके समर्थको के जयपुर हाईकोर्ट आने की संभावनाओं के चलते कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती कि गयी हैं.

दो मतदान केंद्रों में होगी वोटिंग

राजस्थान हाईकोर्ट में कुल 14,781 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इस बार दो अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

भीड़ प्रबंधन के तहत मतदाताओं को उनके पंजीकरण वर्ष और क्रमांक के आधार पर विभाजित किया गया है।

वर्ष 2021 तक पंजीकृत अधिवक्ता सतीशचंद्र सभागार में मतदान करेंगे, जहां क्रमांक 1 से 6613 तक के मतदाता शामिल होंगे।

वहीं 2021 के बाद पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए बेसमेंट पार्किंग में अलग मतदान केंद्र बनाया गया है, जहां क्रमांक 6614 से 14781 तक के मतदाता मतदान करेंगे।

मतदान के नियम और दिशा-निर्देश

सहायक पोलिंग ऑफिसर दिनेश पाठक के अनुसार, सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

मतदाताओं के प्रवेश के लिए गेट संख्या 3 निर्धारित किया गया है, जहां सभी प्रत्याशी बाहर ही मौजूद रहेंगे।

प्रत्येक मतदाता को अपना अधिवक्ता पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा, जबकि सुविधा के लिए डिजिटल पर्चियां भी जारी की गई हैं।

निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हाई-पावर्ड कमेटी ने कड़े नियम लागू किए हैं।

मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक रहेगी।

केवल अधिकृत मतदाताओं को ही प्रवेश मिलेगा और किसी भी प्रकार का भोजन वितरण नहीं किया जाएगा। साथ ही मतदाताओं को वाहन से लाने-ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

कमेटी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार पाए जाने पर संबंधित उम्मीदवार की उम्मीदवारी तत्काल रद्द की जा सकती है।

गंभीर मामलों में बार काउंसिल से नाम हटाने तक की कार्रवाई संभव है। यदि किसी बूथ पर अनियमितता पाई जाती है, तो वहां का मतदान रद्द किया जा सकता है और परिणाम के बाद भी कार्रवाई जारी रहेगी।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान का लक्ष्य

कुल मिलाकर, इस बार जयपुर हाईकोर्ट में पुनर्मतदान को लेकर प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए व्यापक और सख्त इंतजाम किए हैं, जिससे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।

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