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10 साल से सेवा, फिर भी नियमित नहीं: TB Health Visitors और Senior Treatment Supervisors की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस

Over 10 Years of Service, Yet No Regularisation: Rajasthan High Court Issues Notice to State Government

याचिकाकर्ताओं का दावा-स्वीकृत पद खाली होने के बावजूद सेवाएं नियमित नहीं की गईं; हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा, याचिका दायर करने पर कार्रवाई से भी लगाई रोक

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ ने TB Health Visitors, Senior Treatment Supervisor और Senior Treatment Health Supervisor के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण से जुड़ी याचिका पर राज्य सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता नगेन्द्रसिंह की ओर से अदालत में कहा गया कि वे 10 वर्षों से अधिक समय से संबंधित पदों पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी सेवाओं को अब तक नियमित नहीं किया गया है।

जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद स्टे एप्लीकेशन पर नोटिस जारी करते हुए सरकार को जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

10 साल से अधिक समय से सेवाएं देने का दावा

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रियंका पालीवाल ने अदालत के समक्ष दलील रखी कि याचिकाकर्ता लंबे समय से राज्य के संबंधित प्रतिवादियों के अधीन कार्य कर रहे हैं।

याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ता TB Health Visitors, Senior Treatment Supervisor और Senior Treatment Health Supervisor के पदों पर पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि संबंधित विभागों में स्वीकृत पद रिक्त होने के बावजूद उनकी सेवाओं को नियमित नहीं किया जा रहा है।

दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रिट याचिका और स्थगन आवेदन दोनों पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।

अदालत ने मामले में रूल चार सप्ताह में रिटर्नेबल रखा है, यानी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।

याचिका दायर करने के कारण कार्रवाई पर रोक

हाईकोर्ट ने अंतरिम तौर पर याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि इस याचिका को दायर करने के कारण प्रतिवादियों की ओर से याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।।

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