जोधपुर। राजस्थान की कानूनी दुनिया में बड़ी हलचल मचाते हुए राजस्थान बार काउंसिल की हाईपॉवर कमेटी ने वर्ष 2026 के चुनावों का संशोधित और अंतिम कार्यक्रम जारी कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में जारी इस अधिसूचना ने अधिवक्ता समुदाय में राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से विस्तृत कैलेंडर घोषित किया गया है। सबसे अहम तारीख — 22 अप्रैल 2026 हैं जिस दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब लंबे समय से अधिवक्ता संगठन चुनावी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट कार्यक्रम की प्रतीक्षा कर रहे थे।
अब अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश भर में दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है और जोधपुर स्थित बार काउंसिल कार्यालय में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
चुनाव कार्यक्रम: चरणबद्ध और सख्त समयसीमा
कमेटी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार चुनाव अधिसूचना 20 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। इसके बाद 7 मार्च 2026 को प्रोविजनल मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
मतदाता सूची पर आपत्तियां 8 मार्च से 14 मार्च 2026 तक आमंत्रित की जाएंगी। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद 21 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
नामांकन प्रक्रिया 22 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चलेगी।
प्रत्याशी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र भौतिक रूप से या रजिस्टर्ड डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से जमा कर सकेंगे।
29 और 30 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी, जिसके बाद 31 मार्च 2026 को प्रत्याशियों की प्रारंभिक सूची प्रकाशित की जाएगी।
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है।
अंतिम प्रत्याशी सूची 2 अप्रैल को शाम 5 बजे के बाद जारी की जाएगी।
मतदान 22 अप्रैल 2026 को होगा।
मतपेटियों का संकलन 22 से 28 अप्रैल तक किया जाएगा और 29 अप्रैल 2026 को मतगणना होगी। परिणाम मतगणना पूर्ण होने के तुरंत बाद घोषित किए जाएंगे।

सीटों का गणित: अनुभव और महिला प्रतिनिधित्व पर फोकस
बार काउंसिल में कुल 25 सीटें हैं। इनमें से 23 सीटों पर सीधा चुनाव होगा, जबकि 2 सदस्य सह-नामित (को-ऑप्टेड) किए जाएंगे।
अधिसूचना के अनुसार कम से कम 12 सीटें ऐसे अधिवक्ताओं से भरी जानी अनिवार्य हैं जो राज्य रोल पर कम से कम 10 वर्षों से पंजीकृत हों। इसका उद्देश्य अनुभवशील और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
साथ ही, न्यूनतम 5 सीटें महिला अधिवक्ताओं के लिए सुनिश्चित की गई हैं। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि महिला प्रत्याशियों के लिए अलग मतपत्र जारी नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुरूप है।
नामांकन शुल्क और नॉन-रिफंडेबल फीस
नामांकन पत्र जोधपुर स्थित बार काउंसिल कार्यालय से 5,000 रुपये शुल्क देकर प्राप्त किए जा सकेंगे। प्रत्येक प्रत्याशी को अधिकतम चार नामांकन पत्र जारी किए जाएंगे।
हर नामांकन पत्र के साथ 1,25,000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल फीस जमा करनी होगी। यह राशि बैंक ड्राफ्ट/बैंकर्स चेक या ऑनलाइन माध्यम से “बार काउंसिल ऑफ राजस्थान” के पक्ष में देय होगी।
विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) श्रेणी के अधिवक्ताओं के लिए राहत देते हुए यह शुल्क मात्र 15,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी 2026 के आदेश के अनुसार लागू किया गया है।
अधिसूचना के प्रकाशन के निर्देश
बार काउंसिल को निर्देश दिया गया है कि चुनाव अधिसूचना का प्रकाशन आधिकारिक राजपत्र और कम से कम दो समाचार पत्रों में किया जाए।
साथ ही इसे बार काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं तक चुनाव संबंधी जानकारी समय पर पहुंचे और पारदर्शिता बनी रहे।
अधिवक्ता समुदाय में हलचल
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि यह चुनाव आने वाले वर्षों में बार काउंसिल की दिशा और नीतियों को तय करेगा। युवा अधिवक्ता भी इस बार बड़ी संख्या में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
महिला अधिवक्ताओं के लिए न्यूनतम 5 सीटें सुनिश्चित किए जाने से महिला नेतृत्व को नई ताकत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों अहम है यह चुनाव?
बार काउंसिल राजस्थान राज्य के अधिवक्ताओं की सर्वोच्च नियामक संस्था है। यह संस्था अधिवक्ताओं के पंजीकरण, अनुशासनात्मक कार्रवाई, प्रशिक्षण और पेशेवर आचरण से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ऐसे में 2026 का यह चुनाव केवल प्रतिनिधियों का चयन नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की भविष्य की नीतियों, अधिकारों और पेशेवर मानकों की दिशा तय करने वाला निर्णायक क्षण माना जा रहा है।
एक नजर में पूरा कार्यक्रम
चुनाव अधिसूचना: 20 फरवरी 2026
अनंतिम मतदाता सूची: 7 मार्च 2026
आपत्तियां: 8–14 मार्च 2026
अंतिम मतदाता सूची: 21 मार्च 2026
नामांकन: 22–28 मार्च 2026
जांच: 29–30 मार्च 2026
प्रत्याशी सूची: 31 मार्च 2026
नाम वापसी: 2 अप्रैल 2026 तक
मतदान: 22 अप्रैल 2026 (सुबह 10 बजे–शाम 5 बजे)
मतगणना: 29 अप्रैल 2026
परिणाम: मतगणना पूर्ण होने पर