जोधपुर। जोधपुर। राजस्थान बार काउंसिल चुनाव की मतगणना इन दिनों जोधपुर स्थित बार काउंसिल कार्यालय में जारी है।
11 मई से लगातार चल रही मतगणना प्रक्रिया के बीच गुरुवार को एक यादगार और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुनील बेनीवाल और जस्टिस बी.एस. संधू मतगणना केंद्र पहुंचे।
दोनों न्यायाधीशों ने रिटर्निंग अधिकारी डॉ. सचिन आचार्य और उनकी टीम से मुलाकात कर मतगणना कार्य की जानकारी ली तथा अब तक किए गए प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान चुनाव मैदान में उतरे कई प्रत्याशियों ने भी दोनों न्यायाधीशों से मुलाकात की।

विशेष बात यह रही कि जस्टिस सुनील बेनीवाल और जस्टिस बी.एस. संधू दोनों ही राजस्थान बार काउंसिल के पूर्व सदस्य रह चुके हैं।
ऐसे में उनका मतगणना केंद्र पर पहुंचना केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि बार काउंसिल और अधिवक्ता समुदाय के प्रति उनके आत्मीय जुड़ाव, सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक माना गया।
यह दृश्य बार और बेंच के उस मजबूत रिश्ते को भी दर्शाता है, जिसने भारतीय न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। विधि जगत में हमेशा कहा जाता है कि बार, बेंच की जननी (Mother Institution) है।
ऐसे में बार काउंसिल चुनाव की मतगणना के दौरान न्यायाधीशों की उपस्थिति ने इस पारंपरिक और सम्मानजनक संबंध को एक बार फिर रेखांकित किया।

कानूनी समुदाय के कई सदस्यों ने इस मुलाकात को न्यायिक बिरादरी की एकता, गरिमा और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक बताया।
अधिवक्ताओं का मानना है कि लोकतांत्रिक न्यायिक व्यवस्था की मजबूती केवल कानूनों से नहीं, बल्कि बार और बेंच के बीच विश्वास, सहयोग और सम्मान के रिश्ते से भी सुनिश्चित होती है।
अधिवक्ताओं के बीच यह भावना भी देखने को मिली कि व्यक्ति बार काउंसिल से भले ही आगे बढ़ जाए, लेकिन बार काउंसिल से उसका जुड़ाव कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि दोनों न्यायाधीशों की मौजूदगी ने कई पुराने और यादगार चुनावी पलों को फिर से जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर एक अधिवक्ता ने भावनात्मक अंदाज में कहा—
“You can take a man out of Bar Council, but you cannot take Bar Council out of a man.”
यानी व्यक्ति भले ही बार काउंसिल की जिम्मेदारियों से अलग हो जाए, लेकिन बार काउंसिल से उसका जुड़ाव और लगाव हमेशा बना रहता है।
मतगणना केंद्र पर जस्टिस सुनील बेनीवाल और जस्टिस बी.एस. संधू की मौजूदगी ने पुराने चुनावी और बार काउंसिल से जुड़े यादगार पलों को भी ताजा कर दिया।

इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी डॉ. सचिन आचार्य ने दोनो ही न्यायाधिशों को बताया कि मतगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए CCTV कैमरे, मॉनीटर्स, प्रोजेक्टर्स तथा लाइव प्रसारण जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे अधिवक्ताओं का चुनाव व्यवस्था और उसकी निष्पक्षता पर विश्वास मजबूत हुआ है।
राजस्थान बार काउंसिल चुनाव की मतगणना अभी जारी है और प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की नजरें परिणामों पर टिकी हुई हैं।