टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

BCR ELECTION 2026 : चुनावी कैंपेन में शामिल हुए तो लॉ स्टूडेंट के खिलाफ होगी कार्यवाही, चुनाव कमेटी ने सभी युनिवर्सिटी को लिखा चेतावनी पत्र

Rajasthan Bar Council Proposes Advocates’ Bhawan in Ajmer, Plans to Seek Free Land and Funds

जयपुर/जोधपुर/रायसिंहनगर। राजस्थान बार काउंसिल चुनाव 2026 के तहत जयपुर, जोधपुर और श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर में 4 मई को पुनर्मतदान कराया जाएगा।

प्रस्तावित पुनर्मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए बार काउंसिल ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

BCR के आधिकारिक पत्र के अनुसार 4 मई 2026 को जयपुर, जोधपुर और रायसिंहनगर में होने वाले पुनर्मतदान के दौरान लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के चुनाव प्रचार में शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बार काउंसिल ने यह फैसला 22 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान सामने आए “अप्रत्याशित घटनाक्रम” और शिकायतों के बाद लिया है।

कई प्रत्याशियों ने आरोप लगाया था कि कानून के छात्र न्यायालय परिसरों में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।

अब यदि कोई छात्र पुनर्मतदान के दिन कोर्ट परिसर में प्रचार करते या प्रवेश करते पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब कोई भी प्रत्याशी अपने साथ किसी लॉ स्टूडेंट या गैर-मतदाता को नहीं रख सकेगा।

मतदान केन्द्र के अंदर या आसपास ऐसे व्यक्तियों की मौजूदगी को गंभीर कदाचार माना जाएगा और इससे संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी तक रद्द की जा सकती है।

चुनाव क्षेत्र में ऐसे किसी भी व्यक्ति की मौजूदगी को गंभीर कदाचार माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है लॉ स्टूडेंट और गैर-मतदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी

लॉ स्टूडेंट के खिलाफ होगी कार्यवाही

बार काउंसिल ने राज्य के सभी लॉ विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने छात्रों को इस आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराएं। यह कदम चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इस सख्ती से साफ संकेत है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने इस पुनर्मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।कमेटी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित मतदान केन्द्रों पर होगा।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का कड़ाई से पालन अनिवार्य किया गया है।

स्टॉल, कैनोपी और प्रचार सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित

नई गाइडलाइन के तहत अब कोई भी प्रत्याशी मतदान केन्द्र के अंदर या बाहर स्टॉल, कैनोपी या किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं कर सकेगा।

मतदान के दिन कार्ड, पोस्टर, होर्डिंग या अन्य प्रचार सामग्री के वितरण पर भी पूर्ण रोक रहेगी।

सभी प्रत्याशियों को पहले से लगाए गए पोस्टर और बैनर तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रचार पर ब्रेक, रात 8 बजे के बाद कैनवेसिंग बंद

हाई-पावर्ड कमेटी ने स्पष्ट किया है कि 2 मई रात 8 बजे के बाद सभी प्रकार का चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

इसके बाद किसी भी तरह की कैनवेसिंग आचार संहिता का उल्लंघन मानी जाएगी और संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सख्त निगरानी, CCTV से रखी जाएगी नजर

चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी समिति का गठन किया गया है और नए एपीओ नियुक्त किए गए हैं।

मतदान केन्द्रों के भीतर और बाहर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

मतदान व्यवस्था और नियम

जयपुर हाईकोर्ट बूथ पर हजारों मतदाता मतदान करेंगे, जिनके लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।

मतदाताओं को पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। मतदान के दौरान मोबाइल फोन, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

चुनाव समिति ने साफ किया है कि आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन, गलत सूचना फैलाने या अनुचित प्रभाव डालने की स्थिति में संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी निलंबित या रद्द की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

सबसे अधिक लोकप्रिय