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जयपुर में शुरू हुआ हाईटेक आर्बिट्रेशन-मेडिएशन सेंटर, अब कम समय और कम खर्च में मिलेगा न्याय

Rajasthan Gets First High-Tech Arbitration & Mediation Centre in Jaipur, Justice Sandeep Mehta Inaugurates

सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता ने किया उद्घाटन, बोले- “यह सिर्फ इमारत नहीं, त्वरित और सुलभ न्याय का नया मॉडल

जयपुर। प्रदेश में लंबे समय से अदालतों में लंबित मामलों, बढ़ते मुकदमों और न्याय में देरी की चुनौतियों के बीच राजधानी जयपुर में प्रदेश के पहले अत्याधुनिक “आर्बिट्रेशन एवं मेडिएशन सेंटर” का भव्य उद्घाटन किया गया।

जयपुर विधिक सेवा सदन परिसर में स्थापित इस हाईटेक सेंटर का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश Justice Sandeep Mehta ने किया।

इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश Sanjeev Prakash Sharma, वरिष्ठ जज जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस महेन्द्र गोयल सहित राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश, अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिव मौजूद रहे।

केवल ईंट-पत्थर से बनी इमारत नहीं, बल्कि त्वरित न्याय का प्रतीक

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि देश की अदालतें लाखों लंबित मामलों के दबाव में काम कर रही हैं और ऐसे समय में आर्बिट्रेशन एवं मेडिएशन जैसी वैकल्पिक न्याय प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लोगों को वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने से बचाकर कम समय और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि व्यापारिक और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े विवादों में अक्सर मुकदमे वर्षों तक चलते रहते हैं, जिससे उद्योग, निवेश और कारोबारी माहौल प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में आर्बिट्रेशन एक तेज, प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।

जस्टिस मेहता ने कहा—

“यह केवल ईंट-पत्थर से बनी इमारत नहीं है, बल्कि सुलभ, त्वरित और प्रभावी न्याय व्यवस्था का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यह सेंटर देश के प्रमुख ADR संस्थानों में शामिल होगा।”

उन्होंने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आर्बिट्रेशन सेंटर में इतनी व्यस्तता रहती है कि आर्बिट्रेटर्स को महीनों पहले स्लॉट बुक करने पड़ते हैं।

राजस्थान में भी लगातार बढ़ते आर्बिट्रेशन मामलों को देखते हुए यह सेंटर भविष्य में न्यायिक व्यवस्था का बड़ा सहारा बनेगा।

संवाद से समाधान की दिशा में बड़ा कदम

समारोह में जस्टिस संदीप मेहता ने मेडिएशन की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि कई विवाद केवल संवाद की कमी के कारण वर्षों तक अदालतों में चलते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि रिश्ते भी सुरक्षित रहते हैं।

उन्होंने एक वैवाहिक विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार लोग मुकदमेबाजी में करोड़ों रुपये और मानसिक शांति दोनों खो देते हैं, जबकि बातचीत और समझौते से विवाद शुरुआती स्तर पर ही समाप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आधुनिक न्यायिक प्रणाली की सफलता केवल भवन निर्माण से तय नहीं होती, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और कुशल मीडिएटर्स की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी होती है।

अब होटल नहीं, हाईटेक सेंटर में होगी सुनवाई

समारोह को संबोधित करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि अब तक राजस्थान में आर्बिट्रेशन मामलों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को दिल्ली जाना पड़ता था या निजी होटलों में अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती थी।

लेकिन अब जयपुर में ही सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी सेंटर उपलब्ध हो गया है।

उन्होंने बताया कि सेंटर में छह अत्याधुनिक सिंगल आर्बिट्रेशन चैम्बर्स और दो बड़े ट्रिब्यूनल हॉल बनाए गए हैं, जहां तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल भी सुनवाई कर सकेंगे।

यहां डिजिटल रिकॉर्डिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, रिमोट कनेक्टिविटी और तकनीकी सुविधाओं से लैस सुनवाई की व्यवस्था की गई है।

जस्टिस शर्मा ने कहा कि यह सेंटर राजस्थान में न्यायिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और भविष्य में बड़ी संख्या में कमर्शियल विवाद अदालतों के बाहर ही सुलझाए जा सकेंगे।

जस्टिस जसराज चौपड़ा का हुआ सम्मान

समारोह के दौरान पूर्व न्यायाधीश Justice Jasraj Chopra का विशेष सम्मान किया गया। उनके परिवार के सदस्यों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

रालसा में स्थापित किए गए इस मेडिएशन सेंटर के लिए जस्टिस जसराज चौपड़ा ने प्रारंभिक रूप से एक करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी।

विशेष बात यह रही कि उस समय भी जस्टिस संदीप मेहता मौजूद थे और अब सेंटर के उद्घाटन अवसर पर भी वे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस मौके पर Justice Jasraj Chopra द्वारा दिए गए सहयोग की जस्टिस संदीप मेहता ने तारीफ करते हुए कहा देशभर में यह पहला उदाहरण हैं जब किसी रिटायर्ड जज ने इस तरह एक करोड़ रूपये का योगदान दिया हैं.

उन्होने जस्टिस जसराज चौपड़ा के साथ उनके परिजनों को शुभकामनाऐं देते हुए उनके योगदान की तारीफ की.

ये रहे मौजूद

समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने सभी का आभार जताया.

समारोह में जस्टिस महेन्द्र गोयल, जस्टिस अनुप कुमार ढंड, जस्टिस अनिल कुमार उमपन, जस्टिस आशुतोष कुमार शर्मा, जस्टिस अनिल कुमार उपमन, जस्टिस चन्द्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस मनीष शर्मा, जस्टिस संदीप तनेजा, जस्टिस रवि चिरानिया, जस्टिस अनुरूप सिंघी और जस्टिस संगीता शर्मा मौजूद रही.

वही रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा, पीपीएस अजयसिंह, रालसा सदस्य सचिव डॉ हरिओम शर्मा, राजस्थान हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल, महासचिव दीपेश शर्मा के साथ ही अधिवक्ता सिद्धार्थ जैन मौजूद रहें.

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