जयपुर। न्यायालयों में कानूनी दलीलों के बीच व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं ने शनिवार को वॉलीबॉल कोर्ट पर भी अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर द्वारा पहली बार आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट ‘वॉली वर्डिक्ट-2026’ का शनिवार को मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर के वॉलीबॉल ग्राउंड में भव्य शुभारंभ हुआ।
“Where Law Meets the Game” थीम पर आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश की विधिक बिरादरी की 32 टीमें पहली ‘वॉली वर्डिक्ट ट्रॉफी’ जीतने के लिए आमने-सामने हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने किया।

उद्घाटन समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल, जस्टिस अनिल कुमार उपमन, जस्टिस आनंद शर्मा तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता जी.एस. गिल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लेकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि खेल व्यक्ति के व्यक्तित्व का समग्र विकास करते हैं।
उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल जैसे टीम गेम अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामूहिक निर्णय, आपसी विश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं।

उन्होंने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन एक सच्चे खिलाड़ी की पहचान उसकी खेल भावना और ईमानदारी से होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से पूरे उत्साह, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया।
अतिरिक्त महाधिवक्ता जी.एस. गिल ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायालय और खेल मैदान में कई समानताएं हैं।
अदालत में भी प्रत्येक मुकदमे का परिणाम किसी एक पक्ष के पक्ष में जाता है और खेल मैदान में भी कोई जीतता है तो कोई हारता है, लेकिन दोनों ही स्थानों पर निष्पक्षता, अनुशासन और मर्यादा सर्वोपरि होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन अधिवक्ताओं के बीच संवाद, समन्वय, आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ तनावपूर्ण पेशे में मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा ने बताया कि वकालत अत्यंत चुनौतीपूर्ण और मानसिक रूप से तनावपूर्ण पेशा है।
लंबे समय तक न्यायिक कार्य, मुकदमों की तैयारी और लगातार पेशेगत दबाव के बीच अधिवक्ताओं के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
ऐसे में खेल गतिविधियां उन्हें तनाव से राहत देने, शारीरिक रूप से सक्रिय रखने और कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनती हैं।
उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य इस प्रतियोगिता के माध्यम से अधिवक्ताओं के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

महासचिव दीपेश शर्मा ने बताया कि ‘वॉली वर्डिक्ट-2026’ विशेष रूप से विधिक समुदाय के लिए आयोजित किया गया है।
प्रतियोगिता में केवल 32 टीमों को शामिल किया गया है तथा प्रत्येक टीम में कम से कम एक महिला अधिवक्ता की भागीदारी अनिवार्य रखी गई है, ताकि महिला अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके और खेलों में समान प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिले।
प्रतियोगिता के पहले दिन राउंड ऑफ-32 और राउंड ऑफ-16 के मुकाबले खेले गए।

दूसरे दिन क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के साथ टूर्नामेंट का समापन होगा। विजेता टीम को पहली ‘वॉली वर्डिक्ट ट्रॉफी’ से सम्मानित किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता में एक्टस लेजिट, जस्टिस स्ट्राइकर्स, जेवियर्स लॉयर्स, लीगल एलाइज, शिव वॉरियर्स, कोर्ट चैंपियंस, लीगल लायंस, केस क्लोज्ड, डीसी टाइगर्स, फ्रेंड्स ग्रुप, थंडर नाइन सहित कुल 32 टीमें भाग ले रही हैं।
आयोजन समिति ने सभी टीमों को अपने निर्धारित मैच से 30 मिनट पूर्व रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी मुकाबले निर्धारित समयानुसार संपन्न हो सकें।
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का मानना है कि ‘वॉली वर्डिक्ट-2026’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि न्यायिक परिवार के बीच एकता, सौहार्द, समन्वय और टीम भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
“Where Law Meets the Game” की अवधारणा पर आधारित यह आयोजन अधिवक्ताओं को तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ न्याय और खेल के बीच संतुलन का भी प्रभावी संदेश देता है।