जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट सहित प्रदेशभर की अदालतों में 4 मार्च 2026 (बुधवार) को न्यायालय में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त अनुरोध के बाद लिया गया।
दरअसल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों सहित प्रदेश की कई बार ने भी ने रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर 4 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग की थी।
पत्र में उल्लेख किया गया था कि रंगों के त्योहार होली के अवसर पर 2 और 3 मार्च को पहले से अवकाश घोषित है, लेकिन 3 मार्च को होलिका दहन होने के कारण धुलंडी (रंगों की होली) 4 मार्च को मनाई जाएगी।
हिंदू पंचांग के फाल्गुन मास के अनुसार इस बार 2 मार्च को होलिका दहन है लेकिन इसके अगले दिन रंगों वाली होली नहीं खेली जाएगी क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है जो कि भारत में दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक लगेगा,जिसमें कोई भी पूजा-पाठ या शुभ काम नहीं होते हैं इसलिए रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी।

बार एसोसिएशनों ने अपने पत्र में कहा था कि बड़ी संख्या में अधिवक्ता बाहरी जिलों से राजस्थान हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए जोधपुर आते हैं।
ऐसे में 4 मार्च को त्योहार होने के कारण अधिवक्ताओं को न्यायालय में उपस्थित होने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए 4 मार्च को अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया गया था।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर के अध्यक्ष रंजीत जोशी एवं महासचिव डॉ. विजय चौधरी तथा राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत और महासचिव डॉ. अरुण कुमार झाझड़िया ने संयुक्त रूप से यह पत्र प्रेषित किया था।
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अधिवक्ताओं की असुविधा और होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए 4 मार्च 2026 (बुधवार) को न्यायालय में अवकाश घोषित किया जाए।
हाईकोर्ट प्रशासन ने बार एसोसिएशनों के अनुरोध पर विचार करते हुए 4 मार्च को अवकाश घोषित कर दिया है।
इसके चलते उस दिन न्यायालय में नियमित सुनवाई नहीं होगी। जिन मामलों की सुनवाई 4 मार्च को निर्धारित थी, उन्हें आगामी कार्य दिवस पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
अब 4 मार्च को न्यायालयीन कार्य स्थगित रहेंगे और अगले कार्य दिवस 5 मार्च से नियमित कार्यवाही पुनः प्रारंभ होगी।