जयपुर, 27 अक्टूबर
Cyber Crime के बढते मामलो पर नियत्रंण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट मंगलवार को एक दर्जन से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ Cyber Crime से जुड़े आरोपियों की जमानत याचिकाओं व अन्य अपराधिक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.
हाईकोर्ट की चिंता
इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ये कानूनी बिंदू सामने आया कि युवाओं को दुबारा ऐसे अपराध में शामिल होने से रोकने के लिए क्या जमानत में कुछ शर्ते जोड़ी जा सकती हैं.
Cyber Crime के मामलो में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिर से इसी अपराध में शामिल होने से रोकने और इन अपराधों में युवाओं को शामिल होने से रोकने के लिए हाईकोर्ट ने राज्य की पुलिस से सुझाव मांगे हैं.
इन याचिकाओं पर सुनवाई के दोरान विगत सुनवाई में हाईकोर्ट ने सवाल किया था कि —
“क्या ऐसे मामलों में जमानत की शर्तों को इस प्रकार संशोधित किया जा सकता है जिससे आरोपी दोबारा इसी तरह के अपराध में शामिल न हों?”
हाईकोर्ट ने इस पर राज्य पुलिस से विस्तृत सुझाव मांगे थे.
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि कोर्ट का उद्देश्य है कि Cyber Crime अपराधों पर प्रभावी रोकथाम हो और युवाओं को इन अपराधों में दोबारा शामिल होने से रोका जा सके।
डीजीपी पहुंचे थे कोर्ट
मामले से जुड़ी कुछ ओर याचिकाए दायर होने पर हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर मंगलवार को दोपहर 12 बजे सुनवाई तय की हैं.
सोमवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी इसके लिए डीजीपी राजीव शर्मा हाईकोर्ट पहुंचे थे.
डीजीपी राजीव शर्मा सायबर अपराधों पर रोकथाम के लिए ठोस सुझाव देने के लिए अदालत पहुंचे थे।
साथ ही हाईकोर्ट ने डीजीपी से मंगलवार को सुनवाई के दौरान अपने सुझाव देने के लिए कहा हैं.
हाईकोर्ट ने डीजीपी को मंगलवार को वीसी के जरिए या व्यक्तिगत रूप से जुड़कर सुझाव देने के लिए कहा हैं.
वही मंगलवार की सुनवाई में डीजी Cyber Crime के साथ ही जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित कई आला अधिकारी पेश हो सकते हैं.
याचिका की प्रति
कुछ ओर याचिकाए दायर होने से हाईकोर्ट ने प्रत्येक याचिका की प्रति मामले में नियुक्त किए गए न्यायमित्र आदर्श सिंघल को देने के निर्देश दिए हैं.
गौरतलब कि अधिवक्ता आदर्श सिंघल लंबे समय से साईबर क्राईम से जुड़े कानूनी मामलो पर रिसर्च कर रहे हैं.
उनकी Cyber Crime कानूनो से जुड़ी एक पुस्तक का हाल ही में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश् द्वारा विमोचन भी किया गया.