टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

राजस्थान हाईकोर्ट की Rajasthan University को फटकार: कर्मचारी के नियमतिकरण के बाद भी बकाया भुगतान नहीं करने पर कुलपति को कोर्ट में पेश होने की चेतावनी

Rajasthan High Court Warns University Vice-Chancellor Over Non-Compliance of Employee Dues Order

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने एक कर्मचारी के मामले में कोर्ट आदेश के बावजूद बकाया भुगतान नहीं करने पर Rajasthan University  प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए कुलपति को कोर्ट में पेश होने की चेतावनी दी है.

जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने पर Rajasthan University  प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट के आदेशों का पालन केवल कागज़ी औपचारिकता नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आदेश के अनुरूप कर्मचारी को उसके सभी परिणामी वित्तीय लाभ नहीं दिए गए, तो यह अवमानना की श्रेणी में आएगा।

राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता कर्मचारी राज कुमार वर्मा के मामले में मार्च 2022 में नियमित करने के साथ ही सभी परिलाभ देने के आदेश दिए थे.

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने याचिकाकर्ता के बकाया भुगतान नहीं किए.

आदेश दर आदेश

याचिकाकर्ता राज कुमार वर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय के खिलाफ पहले एक रिट याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपनी सेवा के नियमितीकरण और उससे जुड़े सभी लाभ दिए जाने की मांग की थी। इस याचिका को हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2021 को स्वीकार करते हुए राज कुमार वर्मा को नियमित करने का आदेश दिया.

हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ राजस्थान विश्वविद्यालय ने खंडपीठ में विशेष अपील दायर कर चुनौती दी.

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 28 मार्च 2022 को विशेष अपील का निस्तारण करते हुए एक संशोधन के साथ एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा।

कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए कि याचिकाकर्ता की सेवाएं उसी तिथि से नियमित मानी जाएंगी, जिस तिथि से उसके कनिष्ठ कर्मचारियों को नियमित किया गया था।

भुगतान नहीं होने पर अवमानना

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा मार्च 2022 में दिए आदेश की पालना में याचिकाकर्ता की सेवाएं औपचारिक रूप से नियमित कर दी गईं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमितीकरण से जुड़े संपूर्ण वित्तीय लाभ और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता ने बकाया भुगतान के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की.

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि वित्तीय स्वीकृति का मामला अब भी राज्य सरकार के स्तर पर लंबित है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

यह भी पढ़िए: Rajasthan High court हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए रखी 5 लाख की शर्त, RU कुलगुरु अल्पना कटेजा नियुक्ति का मामला

कुलपति को चेतावनी

खंडपीठ ने राजस्थान विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता को सभी बकाया भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करे।

हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय के कुलपति को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित होना होगा।

हाईकोर्ट ने इसके साथ ही रजिस्ट्रार न्यायिक को आदेश दिए कि इस आदेश की प्रति कुलपति कार्यालय को तत्काल भेजी जाए, ताकि आदेश की पालना सुनिश्चित की जा सके।

हाईकोर्ट ने इस अवमानना याचिका को 29 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे सूचीबद्ध करने के आदेश दिए हैं।

सबसे अधिक लोकप्रिय