जयपुर। राजस्थान की न्यायपालिका में एक बार फिर तबादलों का दौर शुरू हो गया है।
मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल के कार्यभार संभालने के करीब दो सप्ताह बाद शुरू हुआ प्रशासनिक बदलाव का सिलसिला आने वाले कुछ सप्ताह तक जारी रहने की संभावना है।
पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस पी शर्मा के सेवानिवृत्ति के दिन से शुरू हुए इन तबादलों के बाद अब न्यायिक अधिकारियों के साथ-साथ हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में भी बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सेवानिवृत्ति के दो घंटे बाद जारी हुई पहली तबादला सूची
गौरतलब है कि 26 सितंबर को राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा सेवानिवृत्त हुए थे।
उन्हें हाईकोर्ट से विदाई दिए जाने के करीब दो घंटे बाद ही पहली तबादला सूची जारी की गई।
इस सूची में विजिलेंस रजिस्ट्रार अनिल बेनीवाल सहित करीब एक दर्जन न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए। इसके साथ ही हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए गए।
पूर्व में रजिस्ट्री में रहे अधिकारियों को फिर जिम्मेदारी
26 सितंबर को जारी तबादला आदेश में कई ऐसे न्यायिक अधिकारियों को एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जिम्मेदारी दी गई, जिन्हें पूर्व में रजिस्ट्री में कार्य करने का अनुभव रहा हैं.
इन नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर न्यायिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
वही इस तबादला सूची में कई उन अधिकारियों को भी फिर से रजिस्ट्री में लाया गया जिन्हे पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम एम श्रीवास्तव ने जिम्मेदारी दी थी.
यह भी संयोग रहा कि उसी दिन जस्टिस एम.एम. श्रीवास्तव जयपुर दौरे पर थे.
28 सितंबर की दूसरी तबादला सूची में भी उदयपुर से डीजे कैडर के नरेन्द्र कुमार को एक बार फिर से रजिस्ट्री में जिम्मेदारी दी गयी हैं. गौरतलब हैं कि पूर्व में भी वे रजिस्ट्री का अनुभव रखते है.
अब वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की तबादला सूची का इंतजार
दो तबादला सूचियां जारी होने के बाद अब वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादलों की सूची का इंतजार किया जा रहा है।
न्यायिक गलियारों में चर्चा है कि इसी सप्ताह एक बड़ी तबादला सूची सामने आ सकती है।
संभावित सूची में राजधानी जयपुर में कार्यरत कई वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के कार्यस्थल में बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हाईकोर्ट से जुड़े सूत्रों और न्यायिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार प्रमुख विधि सचिव, रजिस्ट्रार जनरल, पीपीएस सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भी बदलाव संभव माना जा रहा है।
इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के स्थानांतरण की भी संभावना जताई जा रही है।
दूरस्थ जिलों में कार्यरत अधिकारियों को मिल सकती है जिम्मेदारी
चर्चाओं के अनुसार लंबे समय से दूरस्थ जिलों में पदस्थ कई जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को राजधानी जयपुर या जोधपुर में स्थानांतरित किया जा सकता है।
इसी क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेन्द्र कुमार जैन को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा न्यायिक गलियारों में है।
हालांकि, इन संभावित नियुक्तियों और तबादलों पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पांच महत्वपूर्ण न्यायिक जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के पद रिक्त
प्रदेश के पांच महत्वपूर्ण न्यायिक जिलों में वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद रिक्त हैं। आगामी दिनों में इन पदों पर नियुक्तियां किए जाने की संभावना है।
इनमें भरतपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, जयपुर महानगर-द्वितीय और झुंझुनू शामिल हैं।
इन जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही न्यायिक प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
रजिस्ट्रार प्रशासन, जोधपुर के दो पद भी रिक्त
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में रजिस्ट्रार प्रशासन के दो पद भी फिलहाल रिक्त बताए जा रहे हैं। इन पदों पर भी शीघ्र नियुक्तियां किए जाने की संभावना है।
ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट की रजिस्ट्री से लेकर जिला न्यायपालिका तक व्यापक प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।
हालांकि, संभावित तबादलों और नियुक्तियों की वास्तविक तस्वीर हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।