पाली को मिला राजस्थान का पहला ‘संवेदनशील गवाह केंद्र’, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने किया लोकार्पण
पाली। राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था में गवाहों की सुरक्षा, गरिमा और न्याय तक सहज पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए पाली को प्रदेश का पहला ‘संवेदनशील गवाह केंद्र’ (Sensitive Witness Centre) मिला है।
इस अत्याधुनिक केंद्र का लोकार्पण राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा, वरिष्ठतम जज जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और पाली के संरक्षक जज जस्टिस कुलदीप माथुर ने संयुक्त रूप से किया।
पाली जिला न्यायालय परिसर में आयोजित समारोह में न्यायपालिका के आधुनिकीकरण, तकनीकी बदलावों और न्यायिक व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर भी गंभीर चर्चा हुई।
न्यायपालिका को आधुनिक बनाने की जरूरत
समारोह को संबोधित करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका को अधिक संवेदनशील और आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि न्याय केवल निष्पक्ष होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि पीड़ित और गवाह स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह केंद्र न्यायिक प्रक्रिया को अधिक मानवीय, पारदर्शी और पीड़ित-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
तकनीक नहीं सीखी तो अप्रासंगिक हो जाएंगे जज और वकील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस डॉ. पी.एस. भाटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “यदि न्यायाधीश और अधिवक्ता समय के साथ नई तकनीक नहीं सीखेंगे तो वे भविष्य में अप्रासंगिक हो जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में न्यायिक प्रणाली तेजी से डिजिटल हो रही है और ऐसे समय में तकनीक का ज्ञान प्रत्येक न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता के लिए अनिवार्य हो गया है।
युवा अधिवक्ताओं को कौशल बढ़ाने की जरूरत
जस्टिस डॉ. पी.एस. भाटी ने युवा अधिवक्ताओं की तैयारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा वकील एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) परीक्षा तक उत्तीर्ण नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से निरंतर अध्ययन, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि केवल कानून की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखना भी समय की मांग है।
भविष्य के लिए मॉडल बनेगा पाली का केंद्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस कुलदीप माथुर ने कहा कि पाली में स्थापित यह मॉडल भविष्य में राजस्थान के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा और इससे न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
नवनिर्मित संवेदनशील गवाह केंद्र का उद्देश्य ऐसे गवाहों को सुरक्षित, गोपनीय और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिन्हें संवेदनशील मामलों में अदालत के समक्ष बयान देना होता है।
ये रहेगी सुविधाए
पाली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीएम जोशी और महासचिव मुकुल सोनी ने बताया कि विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, यौन अपराधों के पीड़ितों और अन्य संवेदनशील मामलों के गवाहों को यहां ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे बिना किसी भय, दबाव या मानसिक तनाव के अपना पक्ष रख सकें।
केंद्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही, अलग प्रतीक्षालय, गोपनीय प्रवेश-निकास, बच्चों के अनुकूल वातावरण और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे गवाहों को आरोपी के सीधे संपर्क में आए बिना भी सुरक्षित रूप से बयान दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।
समारोह में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।