नई दिल्ली, 8 दिसंबर
इंडिगो एयरलाइंस द्वारा हाल ही में बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द किए जाने से पैदा हुए संकट और लाखों यात्रियों को हुई परेशानी पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्लाइट कैंसिलेशन का यह बड़ा मामला निश्चित रूप से एक गंभीर विषय है, क्योंकि इससे देशभर में यात्रियों की योजनाएँ प्रभावित हुई हैं, कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों फंसा रहना पड़ा और व्यापारिक तथा व्यक्तिगत कार्यक्रमों पर भारी असर पड़ा.
हालाँकि, इस गंभीरता के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार और विमानन नियामक संस्थाओं ने पहले ही इस विषय पर संज्ञान ले लिया है, इसलिए फिलहाल मामले को आवश्यकता से अधिक तात्कालिकता के साथ सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा.
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि सरकार आवश्यक कदम उठाने में विफल रहती है, तो याचिकाकर्ता उचित समय पर पुनः अदालत का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं।
क्या है मामला?
इंडिगो ने हाल ही में तकनीकी कारणों, मौसम, ऑपरेशनल चुनौतियों और स्टाफिंग से जुड़ी समस्याओं के चलते बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कीं। इससे देशभर के यात्रियों में भारी नाराजगी फैल गई और सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने एयरलाइन पर कड़े सवाल उठाए।
फ्लाइट रद्द होने और देरी की वजह से हजारों यात्रियों को आर्थिक नुकसान, टिकट रिफंड में देरी और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्थाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें एयरलाइन व DGCA के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने से इनकार करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पहले ही कार्रवाई की प्रक्रिया में है, इसलिए कोर्ट अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप नहीं करेगा।